मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) विधायक सुनील शिंदे की पहल पर तबेला मैदान-श्रमिक जिमखाना मैदान, जिसे कबड्डी का पंढरी कहा जाता है, की हीरक जयंती का आयोजन किया गया. इस मौके पर पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने बेटे आदित्य के साथ शिरकत की. इसके साथ ही पार्टी के कई अन्य नेता और खिलाड़ी भी मौजूद रहे.
कार्यक्रम को संबोधन करते हुए शिवसेना (यूबीटी) उद्धव ठाकरे ने बताया कि मुख्यमंत्री बनने से पहले वो शिवाजी जन्मभूमि की मिट्टी लेकर राम जन्मभूमि गए थे. उन्होंने बताया कि पुजारियों को मिट्टी सौंपने के बाद, राम मंदिर एक साल के अंदर बनकर तैयार हो गया. उन्होंने कहा कि यही मिट्टी का महत्व है, मिट्टी का कर्ज है, मिट्टी को मत भूलो.
‘राजनीति में भी एक अलग तरह की कबड्डी’
सत्ताधारी पार्टी पर अप्रत्यक्ष रूप से तंज करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि राजनीति में भी कबड्डी के सारे गुण जरूरी होते हैं. उन्होंने कहा कि फुर्ती, मजबूत पकड़, दांव लगाना और उसे पलटने जैसे तमाम गुण जरूरी होते हैं. इसलिए हम राजनीति में भी एक अलग तरह की कबड्डी खेलते हैं.
‘मिट्टी और मातृभूमि को नहीं भूलना चाहिए’
उन्होंने कहा कि एक समय था जब दिग्गज कबड्डी खिलाड़ी मिट्टी के मैदान में अपना दमखम दिखाते थे, लेकिन अब मैट पर कबड्डी खेलने की प्रवृत्ति बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि मैट पर खेलना गलत नहीं है, लेकिन मिट्टी और मातृभूमि को नहीं भूलना चाहिए. उन्होंने कहा कि कबड्डी के दिग्गज खिलाड़ी जमीन से उगने वाले सितारों की तरह होते हैं. उन सितारों के साथ मैं और आदित्य आपके साथ हैं, यह हमारे लिए खुशी का क्षण है.
खिलाड़ियों की सराहना की
इस दौरान उद्धव ने महाराष्ट्र की धरती से जुड़े कबड्डी के खेल में योगदान देने वाली प्रतिष्ठित हस्तियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया उ.न्होंने मैदान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की सराहना की. इस अवसर पर युवा सेना प्रमुख और शिवसेना नेता विधायक आदित्य ठाकरे, शिवसेना नेता सांसद अरविंद सावंत, शिवसेना नेता विधायक भास्कर जाधव, विधायक अजय चौधरी, शिवसेना उपनेता और मुंबई नगर निगम में विपक्ष की नेता किशोरी पेडनेकर, संभागीय प्रमुख विधायक महेश सावंत, मुंबई के पूर्व महापौर महादेव देवले, पूर्व हॉकी खिलाड़ी धनराज पिल्ले, साथ ही दिग्गज कबड्डी खिलाड़ी, शिवसेना पदाधिकारी और शिवसैनिक उपस्थित थे.
2018 में मिट्टी लेकर अयोध्या गए थे उद्धव
दरअसल उद्धव ठाकरे नवंबर 2018 में पुणे जिले के ऐतिहासिक शिवनेरी किले की मिट्टी लेकर दो दिवसीय दौरे पर अयोध्या गए थे. उन्होंने बताया था कि वो इस मिट्टी राम जन्मभूमि स्थल पर स्थित राम लल्ला के अस्थायी मंदिर के महंत या मुख्य पुजारी को सौंपेंगे. अयोध्या कभी कौशल राज्य की राजधानी थी, जिस पर भगवान राम के पिता राजा दशरथ का शासन था. उद्धव ने कहा था कि छत्रपति शिवाजी महाराज समस्त हिंदुओं द्वारा आदरणीय हैं और ऐसे शक्तिशाली हिंदू राजा की जन्मभूमि से मुट्ठी भर मिट्टी लेकर मैं समस्त हिंदू समुदाय की इच्छा और कामना को अपने साथ ले जा रहा हूं.
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