मुंबई (महाराष्ट्र): अयोध्या के राम मंदिर विवाद के बाद अब मुंबई स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर में करोड़ों रुपये की चोरी और अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवनकर ने सोमवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन (Press Conference) में आधिकारिक तौर पर बताया कि मंदिर में लगभग ₹18 करोड़ की चोरी का बड़ा मामला उजागर हुआ है। मंदिर परिसर में चोरी करने तथा अवैध रूप से वीआईपी दर्शन कराने के खेल में संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिरी है। अब तक कुल 46 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है, जबकि 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
🕵️ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने पकड़ा चोरी का नेटवर्क, मुख्य आरोपी राजन पेंडुलकर गिरफ्तार
सदा सरवनकर ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर के चढ़ावे में हो रही इस चोरी को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की विशेष टीम के माध्यम से रंगे हाथों पकड़ा गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिद्धिविनायक ट्रस्ट की ओर से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को एक पत्र प्रेषित किया गया था, जिसके बाद दान पेटियों की गिनती वाले दिन एसीबी के एक विशेष अधिकारी की नियुक्ति की गई। मंदिर के प्रत्येक प्रवेश द्वार पर एसीबी अधिकारियों की तैनाती की गई और सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालकर चोरों के सिंडिकेट को बेनकाब किया गया। इस प्रकरण में मुख्य आरोपी राजन पेंडुलकर सहित उसको सहयोग देने वाले 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
⚔️ “आरोपियों का संबंध UBT गुट से, पूर्व ट्रस्ट बोर्ड से जुड़े हैं तार”: सदा सरवनकर का बड़ा दावा
ट्रस्ट अध्यक्ष ने मामले में राजनीतिक कनेक्शन उजागर करते हुए गंभीर आरोप लगाया कि गिरफ्तार किए गए अधिकांश लोग उद्धव ठाकरे गुट (UBT) की स्थानीय शाखाओं में सक्रिय थे।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि चोरी में लिप्त कर्मचारियों को यूबीटी नेता विशाखा राउत द्वारा रखवाया गया था। सरवनकर ने स्पष्ट किया कि यह पूरी धांधली पूर्व के ट्रस्ट बोर्ड के कार्यकाल से जुड़ी हुई है। सालाना आय में कम से कम 18 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होनी चाहिए थी, जिसकी शंका ट्रस्टियों ने पहले ही जाहिर की थी। उन्होंने इसे सनातन धर्म और भगवान सिद्धिविनायक को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश करार दिया।
⚖️ दर्शन के नाम पर GPay से ऑनलाइन वसूली, फूल की दुकानों पर एक्शन; अब CID जांच की उठी मांग
चोरी के अलावा मंदिर में अवैध रूप से दर्शन कराने का एक बड़ा नेटवर्क भी ध्वस्त किया गया है।
अध्यक्ष ने बताया कि गूगल पे (GPay) के जरिए अवैध रूप से ऑनलाइन पैसे लेकर दर्शन कराने के मामले में 19 लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही मंदिर के बाहर स्थित कुछ फूल की दुकानों के माध्यम से चल रहे अवैध दर्शन के खेल पर भी शिकंजा कसा गया है। ट्रस्ट अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अब तक 46 कर्मचारियों को सस्पेंड और 9 को अरेस्ट किया जा चुका है। इस पूरे घोटाले के तार गहराई तक जुड़े होने के कारण ट्रस्ट अब औपचारिक रूप से मामले की जांच सीआईडी (CID) से कराने की सिफारिश करने जा रहा है।
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