सुखबीर बादल का बड़ा धमाका: “नशा बेचने वाले AAP के कमाऊ पुत्त”, विधायकों की जेब में जा रहा हिस्सा; पंजाब सरकार को घेरा

पंजाब

आज पंजाब में गैंगस्टरों और नशा तस्करों का राज है। नशा बेचने वाले आम आदमी पार्टी के “कमाऊ पुत्त” हैं और इनके विधायक व हलका इंचार्ज हर महीने लाखों रुपये हिस्सा लेते हैं। यह आरोप शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने जीरा में ‘पंजाब बचाओ रैली’ को संबोधित करते हुए लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बेअदबी के सभी मामलों की जांच करवाई जाए तो इसके पीछे आम आदमी पार्टी का हाथ सामने आएगा।

सुखबीर सिंह बादल ने ‘आप’ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इन्होंने अकाली दल द्वारा शुरू की गई सभी जनकल्याणकारी योजनाएं बंद कर दी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर साल 1100 करोड़ रुपए से ज्यादा विज्ञापनों पर खर्च कर रही है और चार साल में करीब 4400 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए गए। इसी पैसे से गरीबों को आटा-दाल और शगुन योजनाओं का लाभ दिया जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले शराब में करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया और अब जब इन्हें लगने लगा है कि दोबारा सत्ता में नहीं आ पाएंगे, तो ज्यादा से ज्यादा लूटने पर जोर दिया जा रहा है। सुखबीर बादल ने कहा कि सरकारी संपत्तियों को आधे दाम पर दिल्ली के बिल्डरों को बेचा जा रहा है। उन्होंने ऐसी संपत्तियां खरीदने वालों को चेतावनी दी कि शिरोमणि अकाली दल की सरकार बनने पर इन नीलामियों को रद्द किया जाएगा और जांच कराकर इसमें शामिल “लुटेरों” और अधिकारियों को सख्त सजा दी जाएगी।

अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि गैंगस्टरों और नशे का कारोबार करने वालों का सफाया किए बिना पंजाब को नहीं बचाया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि आज पंजाब में गुंडागर्दी और गैंगस्टरों का राज है। आम आदमी पार्टी के विधायक और हलका इंचार्ज नशे की कमाई में से हर महीने लाखों रुपये हिस्सा लेते हैं, इसी वजह से वे पुलिस को नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने देते। परिणामस्वरूप पंजाब में खुलेआम नशा बिक रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली की पार्टियां यहां सिर्फ राज करने और लूटने आती हैं, जबकि क्षेत्रीय पार्टी जनता की लड़ाई लड़ने आती है। इसलिए पंजाब की क्षेत्रीय पार्टी शिरोमणि अकाली दल का मजबूत होना बेहद जरूरी है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry