जालंधर: रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय (RTO) में आम लोगों की समस्याएं कम होने की बजाय दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यहां कर्मचारियों की भारी कमी और प्रशासनिक लापरवाही है। कार्यालय में सीमित स्टाफ होने की वजह से रोजाना किसी न किसी कार्य को लेकर जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आज फिर आर.टी.ओ. परिसर में वही दृश्य देखने को मिला जब जनता की सुविधा के लिए खोली गई 4 हेल्पलाइन विंडो में से दो विंडो बंद रहीं।
आज हेल्पलाइन विंडो पर तैनात क्लर्क रमेश किसी कोर्ट केस के सिलसिले में अदालत में पेश होने गए हुए थे, जबकि एक अन्य कर्मचारी अमनदीप छुट्टी पर चले गए। इसके चलते जिन दो विंडो पर नागरिकों को जरूरी सेवाएं मिलनी थीं, वे सुबह से ही बंद रहीं। वहीं दूसरी ओर एस.ओ. मुनीष मल्होत्रा के पास जालंधर के साथ-साथ 2 अन्य जिलों लुधियाना और तरनतारन का चार्ज भी होने के कारण वह आज लुधियाना में ड्यूटी पर थे। इसके अतिरिक्त ए.आर.टी.ओ. विशाल गोयल भी स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर रहे।
इस स्थिति का खामियाजा सीधे तौर पर आरटीओ कार्यालय में अपने जरूरी कार्यों को लेकर आने वाले नागरिकों को भुगतना पड़ा। कई लोग सुबह से कतारों में लगे रहे लेकिन काम न हो पाने के कारण निराश होकर लौटना पड़ा। इनमें से अधिकतर लोग ऐसे थे जो दूर-दराज के इलाकों से आए थे। कईं लोग री-असाइनमैंट, कमर्शियल आर.सी, टैक्स अपडेट जैसे काम लोकर यहां पहुंचे हुए थे। परंतु संबंधित कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण यह सारे कार्य लटक गए।
अधिकतर लोगों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि न तो कार्यालय के बाहर और न ही परिसर में इस बात की कोई सूचना थी कि किन विंडो पर कौन से कर्मचारी आज अनुपस्थित रहेंगे। लोगों का कहना था कि यदि यह सूचना पहले से उपलब्ध होती तो वह बेवजह यहां तक नहीं आते। एक व्यक्ति जो भोगपुर से आया था, ने बताया कि उसने अपने टैक्स अपडेट के लिए आधे दिन की छुट्टी लेकर आर.टी.ओ. दफ्तर का रुख किया था, लेकिन जब वहां पहुंचा तो पता चला कि संबंधित एस.ओ. मौजूद नहीं हैं। अब फिर से छुट्टी लेकर आना पड़ेगा, ऊपर से बसों का किराया और समय दोनों बर्बाद हुए सो अलग।
एक बुजुर्ग व्यक्ति जो करतारपुर से आए थे, ने बताया कि वह अपनी कर्मिशियल गाड़ी से संबंधित काम को लेकर पिछले 2 दिनों से चक्कर लगा रहे हैं, परंतु उन्हें क्लर्क के न होने का कह कल आने को बोला जा रहा है। लोगों ने पंजाब सरकार से मांग की कि सरकार स्टाफ की तादाद को बढ़ाएं और एक स्थायी बैकअप व्यवस्था बनाए ताकि किसी कर्मचारी के अनुपस्थित होने पर उसका कार्य प्रभावित न हो। इसके साथ-साथ आरटीओ परिसर में एक डिजिटल सूचना बोर्ड भी लगाया जाए।
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