जालंधर: विजिलैंस ब्यूरो द्वारा आम आदमी पार्टी के जालंधर केंद्रीय विधानसभा हलके से विधायक रमन अरोड़़ा के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद पंजाब के मंत्रीगण व विधायक तथा अन्य नेता सहम गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट कर दिया है कि विजिलैंस की कार्रवाई अब रुकने वाली नहीं है। इसमें चाहे सत्ताधारी पार्टी से संबंध रखते नेता हों या फिर पूर्व सरकारों से संबंध रखते नेता। मुख्यमंत्री कई बार कह चुके हैं कि पूर्व सरकारों की फाइलें उनके पास पड़ी हुई हैं जिससे पता चलता है कि भ्रष्टाचार कितने बड़े पैमाने पर फैला हुआ था।
अब उन्होंने अपने विधायक रमन अरोड़ा के खिलाफ कार्रवाई करवा दी है। विजिलैंस ब्यूरो इस समय मुख्यमंत्री के अधीन है क्योंकि गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है। अब तक विपक्षी दल सरकार पर आरोप लगा रहे थे कि वह सियासी बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है परन्तु अब सरकार ने अपने विधायक के खिलाफ विजिलैंस कार्रवाई करवा दी है जिससे सियासी हलकों में भारी हड़कंप मच गया है।
सत्ताधारी खेमे में चर्चा चल रही है कि आने वाले दिनों में कुछ और नेताओं के विरुद्ध विजिलैंस की कार्रवाई हो सकती है। विजिलैंस चोरी-छिपे भ्रष्टाचार में लिप्त नेताओं के बारे में रिपोर्टें तैयार कर रही है। सत्ताधारी दल से संबंध रखते आधा दर्जन विधायक विजिलैंस के निशाने पर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह संकेत भी दे दिया है कि चाहे अपने हों या बेगाने जिसने भी भ्रष्टाचार किया है उसे बख्शा नहीं जाएगा।
यह भी चर्चा सरकारी हलकों में देखी गई है कि चूंकि 2027 में विधानसभा के आम चुनाव होने हैं उससे पहले सरकार जनता में यह संदेश देना चाहती है कि वह भ्रष्टाचार के मामले को लेकर कोई समझौता नहीं कर रही है। ‘आप’ विधायक के विरुद्ध कार्रवाई के बाद कई विपक्षी नेताओं की नींदे भी उड़ गई हैं जिनके विरुद्ध अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया था।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
