मोगा : सर्दी के मौसम के चलते ठंड का प्रकोप शुरू हो गया है, जिसमें बुजुर्ग और छोटे बच्चे तथा किसी बीमारी से पीड़ित लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। ये जानकारी सिविल सर्जन मोगा डॉ. राजेश अत्री दी है। उन्होंने कहा कि सर्दी लगने पर अगर समय पर इलाज न करवाया जाए तो कई बार खतरा भी बन सकता है।
सिविल सर्जन मोगा डॉ. राजेश अत्री ने कहा कि, बुजुर्गों और बीमारियों से पीड़ित मरीजों को सुबह और देर शाम के समय अधिक ठंड और कोहरा होने पर टहलने या घर से बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। सर्दी के मौसम में कभी भी घर के बंद कमरे में अंगीठी जलाकर आग नहीं जलानी चाहिए, क्योंकि आग जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस पैदा होती है और इससे बंद कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। जो सेहत के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है।
जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. नरेश आमला ने कहा कि लगातार ठंड के संपर्क में रहने से फ्लू, नाक बहना, हाइपोथर्मिया और शीतदंश जैसी बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। विभाग ने जिला अंतर्गत अस्पतालों के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को ठंड से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि इस मौसम में छोटे बच्चे अधिक बीमार पड़ते हैं, इसलिए बच्चों को गर्म कपड़े और जूते-मोजे तथा सिर पर टोपी पहनानी चाहिए।
अस्थमा और सांस की बीमारी के मरीजों को अधिक ठंड होने पर घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए और साथ ही गर्म चीजें जैसे सूप, चाय, कॉफी, संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए थोड़ी-थोड़ी देर के बाद या आवश्यकतानुसार गर्म या गुनगुना पानी पीना चाहिए, तेज दर्द होने पर डॉक्टरी सलाह के अनुसार उपचार करना चाहिए।
