इंदौर : पहलगाम आतंकवादी हमले का जवाब देते हुए, भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर का जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना शामिल है। भारतीय सेना के इस साहसिक कार्य को लेकर पहलगाम हमले के मृतक नथानियल की पत्नी जेनिफर (54) ने खुशी जताई है। साथ ही उन्होंने पहलगाम हमले के आतंकियों का खात्मा किया जाने की मांग की है।
मीडिया से बात करते हुए नथानियल की पत्नी ने कहा, “इन चार लोगों (पहलगाम के आतंकियों) ने वह किया जो कोई जानवर भी नहीं कर सकता। मैं बस इसका हिसाब चाहती हूं और इन लोगों को भी वही सजा मिलनी चाहिए। इन चार लोगों को भी मौत मिलनी चाहिए।”
इंदौर निवासी सुशील नैथनियल अलीराजपुर में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। अलीराजपुर शहर से करीब 200 किलोमीटर दूर है। वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ छुट्टियां मना रहे थे, तभी वह पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में मारे गए 26 लोगों में से एक बन गए। सुशील के छोटे भाई विकास कुमरावत ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से उन्हें संतुष्टि मिली।
उन्होंने मीडिया से कहा, “आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए भारत सरकार द्वारा की गई कार्रवाई सराहनीय है।” उन्होंने आगे कहा कि ऑपरेशन का नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रखना नरेंद्र मोदी सरकार की पहलगाम आतंकी हमले में अपने पतियों को खोने वाली महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
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