अब पहाड़ों और जंगलों में भी मिलेगा फुल नेटवर्क! Airtel और Starlink का बड़ा धमाका; ‘No Signal’ होने पर भी कर पाएंगे कॉल और चैटिंग, देखें कैसे?

टेक्नोलॉजी

Airtel अफ्रीका ने SpaceX के साथ पार्टनरशिप में स्टारलिंक मोबाइल का इस्तेमाल कर डेटा और मैसेजिंग सर्विस की सफल टेस्टिंग की घोषणा की है. ट्रायल का फोकस उन इलाकों में कनेक्टिविटी देना था जहां टेरेस्ट्रियल मोबाइल नेटवर्क का सिग्नल नहीं था. दोनों कंपनियों की ये पार्टनरशिप ट्रेडिशनल नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर से आगे बढ़कर कवरेज बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है.

4G Smartphone आसानी से हो जाते हैं सैटेलाइट से कनेक्ट

एयरटेल अफ्रीका के अनुसार, स्टैंडर्ड 4G स्मार्टफोन टेस्ट के दौरान स्टारलिंक के सैटेलाइट ग्रुप से आसानी से कनेक्ट हो पाए. 650 से ज्यादा सैटेलाइट ने उन जगहों पर कनेक्टिविटी की कमी को पूरा करने में मदद की, जहां आम तौर पर पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क से सर्विस देना मुश्किल होता है. कंपनी ने बताया कि इस टेस्टिंग से पता चला कि ग्राउंड-बेस्ड नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर हुए बिना, जीरो कवरेज एरिया में भी कनेक्टिविटी कैसे बढ़ाई जा सकती है.

टेस्टिंग के दौरान यूजर कर पाए ये काम

ट्रायल के दौरान, कस्टमर लाइट डेटा एप्लिकेशन एक्सेस कर पाए. इसमें Facebook Messenger जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए WhatsApp कॉलिंग और मैसेजिंग शामिल थी. यूजर्स Airtel ऐप का इस्तेमाल कर फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन भी कर पाए. इससे यह पता चला कि जरूरी कम्युनिकेशन और डिजिटल सर्विस उन इलाकों में भी काम करती रह सकती हैं जहां मोबाइल नेटवर्क सिग्नल नहीं है.

एयरटेल अफ्रीका ने कहा कि इस सफल टेस्टिंग फेज से मिली जानकारी का इस्तेमाल 14 मार्केट में सर्विस को बढ़ाने की तैयारी के लिए कर रहा है. हालांकि, कोई भी रोलआउट देश के हिसाब से रेगुलेटरी अप्रूवल पर निर्भर करेगा. कंपनी ने कहा कि यह कोशिश उस बड़े फोकस का हिस्सा है, जिससे यह पक्का हो सके कि कस्टमर कहीं भी हों, वह कनेक्टेड रह सके. इस तरह की सर्विस क्या भारत में भी आएगी? फिलहाल एयरेटल ने इस बारे में कोई भी जवाब नहीं दिया है.

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