खंडवा | घासपुरा जैन मंदिर समाचार
घासपुरा स्थित श्री सरावगी जैन मंदिर में आयोजित प्रवचनमाला के दौरान मुनि श्री विशोधसागर जी महाराज के ओजस्वी विचार गूँजे। उन्होंने समाज को धर्म और आचरण की महत्ता समझाते हुए वर्तमान जीवनशैली पर गहरा प्रहार किया।
✨ प्रवचन का मुख्य आकर्षण: आचरण ही पूजनीय है, व्यवस्था नहीं संयम पर दें ध्यान
मुनि श्री ने कहा कि संसार में केवल व्यक्ति का आचरण और चरित्र ही अनुकरणीय होता है, नाम और सूरत तो समय के साथ बदल जाते हैं। दिगंबर मुनिराज चरित्र की खान होते हैं; जिस तरह पूत के पांव पालने में नजर आते हैं, उसी तरह परमात्मा के पांव मुनियों के आचरण में झलकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज सुविधाएं शिथिलता का कारण बन गई हैं। हम मंदिर या तीर्थ यात्रा में भक्ति से ज्यादा व्यवस्थाएं खोजते हैं। हमें व्यवस्था की नहीं, बल्कि स्वयं को व्यवस्थित (संयमित) करने की आवश्यकता है।
📱 मोबाइल और सोशल मीडिया पर कड़ा प्रहार
मुनि श्री ने वर्तमान पीढ़ी को सचेत करते हुए कहा कि मोबाइल और टीवी आज संस्कार पतन के सबसे बड़े कारक हैं। सिनेमा और सीरियल्स के कारण हम अपने मूल संस्कार भूल रहे हैं। “रील” (Reels) के चक्कर में “शील” (चरित्र) को भ्रष्ट किया जा रहा है। बाहरी आकर्षण केवल कर्मों का बंध करा रहा है, जबकि सच्चा सुख दुखों को धैर्यपूर्वक सहन करने और तपस्या में ही निहित है।
📅 धार्मिक अनुष्ठान और आयोजन
मुनि सेवा समिति के प्रचार मंत्री सुनील जैन एवं प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि रविवार की गतिविधियों का विवरण इस प्रकार रहा:
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आहारदान का लाभ: संगीता-पवन एवं अर्पिता-सुदीप रावका परिवार को प्राप्त हुआ।
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दीप प्रज्वलन: विजय सेठी एवं प्रकाशचन्द जी जैन ने आचार्य विद्यासागर जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित किया।
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कार्यक्रम संचालन: अविनाश जैन द्वारा सुचारू रूप से किया गया।
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मंगलाचरण: सुनीता पाटनी ने प्रस्तुत किया।
⏰ आगामी कार्यक्रम समय-सारणी:
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प्रातः 08:30 बजे: मंगल प्रवचन (महावीर दिगंबर जैन मंदिर, घासपुरा)।
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दोपहर 03:00 बजे: ज्ञानार्णव ग्रंथ पर विशेष स्वाध्याय।
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शाम 06:30 बजे: गुरु भक्ति एवं महाआरती।
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