कश्मीर में बदलाव की बयार बहुत तेजी से बह रही है. अब यहां बंदूक की गोली से तेज खिलाड़ियों के स्किइंग बोर्ड चल रहे हैं. केंद्रीय युवा और खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने टीवी9 भारतवर्ष से खास बातचीत में कहा कि खेलो इंडिया के माध्यम से यहां पर खिलाड़ियों ने एक बड़ा संदेश दिया है जिसकी गूंज सरहद पार तक सुनाई देगी. मंडाविया ने कहा कि इस बार की सफलता को देखकर केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है कि अगली बार खेलो इंडिया 15 दिनों का होगा, जिसमें इस बार से अधिक प्रतिस्पर्धा होगी.
उन्होंने कहा कि अभी हम गुलमर्ग में हैं. विंटर गेम्स के आयोजन पर उपस्थित हैं. मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि विंटर गेम्स के द्वारा हमारे जम्मू कश्मीर में जो कुदरत संपदा है, इसको हार्निश करने की कोशिश है. कश्मीर भाग्यशाली है कि खेलो इंडिया के तहत विंटर गेम्स यहां हर साल होती है. इस प्रतियोगिता को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग आते हैं. इससे यहां का टूरिज्म भी बढ़ता है.
वैश्विक पर्यटन का हब बनेगा गुलमर्ग
मंडाविया ने कहा कि विंटर गेम्स से यहां की इकोनॉमी को भी बूस्ट मिलता है. मेरा पक्का विश्वास है कि गुलमर्ग विंटर गेम्स आने वाले दिनों में वैश्विक स्तर पर अपना नाम करेगा. दुनिया विंटर गेम्स देखने के लिए विंटर गेम्स में भाग लेने के लिए सारे दुनिया के लोग आएंगे.
बहुत तेजी से बदल रहा कश्मीर
मनसुख मांडविया ने कहा कि पिछले 5 साल में 60 से अधिक इंटरनेशनल स्पोर्ट्स इवेंट जम्मू कश्मीर में खास करके कश्मीर में हुए हैं. यह बताता है कि कश्मीर बदल रहा है. एक समय था जब कश्मीर में गोली चलती थी. आज यह कश्मीर है, जहां भारत की खुशियां हैं, यहां एथलीट्स के रैकेट चलते हैं. यहां एथलीट्स के टैलेंट ने कश्मीर को बदला है.
पहलगाम के बाद परिस्थितियों में बदलाव
मनसुख मांडविया ने कहा कि स्वाभाविक है कि पहलगाम के बाद ऐसा था कि यहां की टूरिज्म इंडस्ट्री को धक्का लगा. टूरिस्ट आएंगे कि नहीं लेकिन यह प्रधानमंत्री की बदलती सोच है और बदलता नजरिया है कश्मीर को लेकर और बदलते लीडर से किसी को लेकर आज फिर से आप देख रहे हैं कि यहां पर जो पिछले साल जो टूरिस्ट आए थे, उससे भी ज्यादा टूरिस्ट आ रहे हैं.
पाकिस्तान को सीधा जवाब
मांडविया ने कहा कि सरहद पार के लोगों के लिए यह अच्छा रिप्लाई है कि यह कश्मीर अभी शांति चाहता है. यह कश्मीर अपनी तरक्की चाहता है या कश्मीर के युवा अपनी करियर और अपना भविष्य बनाना चाहते हैं और उनके लिए भारत बेस्ट है. केंद्र और जम्मू दोनों साथ-साथ मिलकर यहां के स्टेट गवर्नमेंट और केंद्रीय यहां के युवाओं में स्पोर्ट्स टैलेंट को आईडेंटिफाई करके नर्चर किया जा रहा है. इसको बेस्ट अपॉर्चुनिटी देना है ताकि पोडियम पर अच्छा अपना प्रदर्शन कर सकें.
पिछले 78 वर्षों में नहीं मिला वह अब मिला है
केंद्र सरकार का बहुत अच्छा सहयोग मिला है. प्रधानमंत्री का बहुत अच्छा सहयोग मिला है. स्पोर्ट्स मिनिस्टर का भी बहुत अच्छा सहयोग मिला है. बहुत ऐसे ऐतिहासिक फैसले हुए हैं, जो कभी नहीं हुए थे. पिछले 78 सालों में जो फैसला नहीं हुए थे.
