एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आई लव मुहम्मद विवाद पर अपनी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि भारत में किसी के लिए ‘आई लव मोदी’ कहना आसान है, लेकिन ‘आई लव मुहम्मद’ कहना आसान नहीं है. बरेली में पिछले सप्ताह ही ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे. यहां पर प्रदर्शन के हिंसक हो जाने के बाद से ही तनाव बना हुआ है. दशहरा उत्सव और शुक्रवार की नमाज के मद्देनजर गुरुवार को बरेली संभाग के चार जिलों में इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी गई थी. किसी तरह की अशांति न हो ऐसे में सड़कों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया.
क्या पुलिस सिर्फ सरकार के लिए ही जवाबदेह है?
ओवैसी ने कुछ वीडियो क्लिप का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस ने लोगों पर लाठीचार्ज और कुछ दुकानदारों ने उन पर फूल बरसाने का आरोप लगाया गया है. उन्होंने कहा कि क्या पुलिस की जवाबदाही केवल सिर्फ सत्ता में बैठे लोगों के प्रति है.
इसके अलावा ये किसी के प्रति जवाबदेह नहीं हैं. ओवैसी ने पूछा कि पैगंबर मोहम्मद के अलावा किसी का नाम मोहम्मद नहीं रखा गया. अगर आप उनके पोस्टर लगाते हैं, तो आपको उनका सम्मान करना होगा. मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि वे इतने सारे कानून क्यों बना रहे हैं और क्या हो रहा है?.
पिछले हफ़्ते जुमे की नमाज़ के बाद बरेली की एक मस्जिद के बाहर 2,000 से ज़्यादा प्रदर्शनकारी ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन रद्द होने के विरोध में इकट्ठा हुए. प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, पुलिसकर्मी घायल हुए और लोगों पर लाठीचार्ज किया गया.
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