गुजरात के राजकोट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय समिट का उद्घाटन किया. अमरेली, भावनगर, जामनगर, कच्छ, मोरबी, राजकोट और सुरेंद्रनगर में 3540 एकड़ से ज्यादा एरिया में बने 13 नए स्मार्ट इंडस्ट्रियल एस्टेट इसमें शामिल हैं. इस दौरान पीएम मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है. बीते वर्षों में भारत ने बहुत तेज प्रगति भी की है और इसमें गुजरात की, आप सभी की बहुत बड़ी भूमिका रही है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेज गति से आगे बढ़ रहा है. जो आंकड़ें आ रहे हैं, उससे ये साफ है कि भारत से दुनिया की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं. भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. बीते दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात समिट ने लगातार कुछ नया, कुछ विशेष किया है. वाइब्रेंट गुजरात का यह क्षेत्रीय सम्मेलन भी इसका एक उदाहरण बन गया है. ये सम्मेलन गुजरात की क्षेत्रीय संभावनाओं पर ध्यान केंद्रिय करते हुए आगे बढ़ रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि जब भी वाइब्रेंट गुजरात समिट का मंच सजता है तो मुझे केवल एक समिट नहीं दिखता. मुझे 21वीं सदी कि आधुनिक भारत की वो यात्रा नजर आती है जो एक सपने से शुरू हुई और आज एक अटूट भरोसे तक पहुंच चुकी है.
ग्लोबल ग्रोथ, इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन और पार्टनरशिप का मजबूत मंच
पीएम मोदी ने कहा कि 2 दशकों में वाइब्रेंट गुजरात की ये यात्रा एक ग्लोबल बेंचमार्क बन गई है. अब तक इसके 10 संस्करण हो चुके हैं और हर संस्करण के साथ इस समिट की पहचान और भूमिका दोनों मजबूत होती रही है. मैं वाइब्रेंट गुजरात के समिट के साथ पहले दिन से जुड़ा रहा. शुरूआती दिनों में हमारा लक्ष्य था कि गुजरात के सामर्थ्य से दुनिया परिचित हो, लोग यहां आएं और यहां निवेश करें, और इससे भारत को फायदा हो. लेकिन आज ये समिट निवेश से भी आगे बढ़कर ग्लोबल ग्रोथ, इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन और पार्टनरशिप का एक मंजबूत मंच बन गया है.
‘विकास भी विरासत भी’, ये मंत्र पूरी दुनिया में गूंज रहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट को संबोधित करते हुए कहा, 2026 के आरंभ के बाद ये मेरा गुजरात का पहला दौरा है और सुखद इसलिए भी है क्योंकि 2026 की मेरी यात्रा सोमनाथ दादा के चरणों में सिर झुकाकर शुरू हुई है. अब मैं राजकोट में इस शानदार कार्यक्रम में हिस्सा ले रहा हूं यानी ‘विकास भी विरासत भी’, ये मंत्र पूरी दुनिया में गूंज रहा है. इस दौरान पीएम मोदी के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद थे.
16 देशों के 110 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार ले रहे हिस्सा
समिट में अमेरिका और यूरोप सहित 16 देशों के 110 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार हिस्सा ले रहे हैं. इस दौरान 1,500 से अधिक सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. बताया जा रहा है कि समिट में विपरीत क्रेता-विक्रेता बैठक (आरबीएसएम) के दौरान 1,800 से अधिक व्यावसायिक बैठकें निर्धारित की गई हैं. आमतौर पर विक्रेता अपनी दुकान या स्टॉल लगाकर बैठते हैं और ग्राहक उसके पास सामान देखने आते हैं. आरबीएसएम में खरीदार एक जगह बैठते हैं और विक्रेता उनके पास जाकर अपने उत्पाद दिखाते हैं.
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