राजनगर एक्सटेंशन के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है. क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुधारने और रोजाना के ट्रैफिक जाम को खत्म करने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने 45 मीटर चौड़ी आउटर रिंग रोड परियोजना को अंतिम रफ्तार दे दी है. बुधवार को जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने जमीन खरीदने के लिए प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दे दी है. यह प्रस्तावित आउटर रिंग रोड लगभग 6.6 किलोमीटर लंबी होगी. यह मार्ग राजनगर एक्सटेंशन के मुख्य चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को बाईपास करते हुए तैयार किया गया है.
यह सड़क नूरनगर में सिटी फॉरेस्ट (डी-सेक्शन) से शुरू होकर शाहपुर निजमोरटा में नॉर्दर्न पेरिफेरल रोड (NPR) तक जाएगी. यह मार्ग राजस्व ग्राम मोरटी, अटौर, आंबापुर, मोरटा और शाहपुर निजमोरटा की भूमि से होकर गुजरेगा.
जमीन खरीद की प्रक्रिया तेज
जीडीए सचिव विवेक मिश्रा के अनुसार, परियोजना के लिए कुल 3.9582 हेक्टेयर (लगभग 39,582 वर्ग मीटर) जमीन खरीदी जानी है. मोरटी और आंबापुर की जमीन का अर्जन पहले ही हो चुका है. अटौर, मोरटा और शाहपुर निजमोरटा की शेष जमीन भू-स्वामियों से आपसी सहमति के आधार पर खरीदी जाएगी. सहमति पत्र पहले ही मिल चुके हैं, और अगले एक हफ्ते के भीतर बैनामे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
जाम से मुक्ति के लिए वैकल्पिक मार्गों का जाल
सिर्फ आउटर रिंग रोड ही नहीं, जीडीए ने कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए कई अन्य सड़कों का प्लान भी तैयार किया है. 2700 मीटर लंबी यह सड़क मेरठ रोड को आउटर रिंग रोड से जोड़ेगी. इससे दिल्ली-मेरठ रोड से आने वाले वाहन सीधे निकल सकेंगे. सिकरोड गांव के पीछे 45 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण होगा. रिवर हाइट्स कॉम्प्लेक्स के पीछे से एक और संपर्क मार्ग जोड़ा जाएगा.
सुनियोजित विकास और राजस्व
जीडीए अधिकारियों का मानना है कि इन सड़कों के बनने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि राजनगर एक्सटेंशन का सुनियोजित विकास भी होगा. नए मानचित्रों की स्वीकृति से जीडीए को राजस्व प्राप्त होगा, जिसका उपयोग क्षेत्र के अन्य विकास कार्यों में किया जाएगा. जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल का बयान: राजनगर एक्सटेंशन में 45 मीटर चौड़ी आउटर रिंग रोड का निर्माण जल्द शुरू होगा. तीन गांवों की शेष जमीन खरीदने की प्रक्रिया एक हफ्ते में पूरी कर ली जाएगी.
