बठिंडा: पंजाब पुलिस द्वारा करीब 400 किसानों पर केस दर्ज करने के बाद किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मौजूदा सरकार की तुलना अंग्रेजी हकूमत के साथ करते हुए यहां तक कह दिया कि ‘ऐह तां अंग्रेजां तो भी भैड़े निकले’। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हर किसी का डेमोक्रेटिक अधिकार है, लेकिन पंजाब सरकार उन्हें उनके संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल भी नहीं करने दे रही है।
जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि पंजाब सरकार ने पुलिस को खुली छूट दे रखी है, जिस पर वे जब चाहें FIR दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिश्नर ऑफिस के बाहर उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना था, लेकिन किसानों को एक रात पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया और जो किसान विरोध करने जा रहे थे, उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। गांव जिओंद की घटना का जिक्र करते हुए उगराहां ने कहा कि किसान अपने गांव में इकट्ठ से बैठे थे और उन्होंने कोई सड़क या ऑफिस ब्लॉक नहीं किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि 1500-1600 पुलिसवालों ने अचानक मज़दूरों के घरों पर हमला किया और आंसू गैस के गोले छोड़े और पत्थर फेंके। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में एक किसान का टांग और एक नौजवान का हाथ टूट गया।
उन्होंने मौजूदा सरकार की तुलना अंग्रेजों हकूमत से की और कहा कि यह सरकार लोकतंत्र को कुचल रही है। उन्होंने एस.एस.पी. ज्योति यादव के किसानों को ‘भीड़’ कहने पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने साफ किया कि FIR करने या ऐसे किसी भी तरह के दबाव से आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि यूनाइटेड फ्रंट के सभी संगठन उनके साथ हैं और वे अपना विरोध जारी रखेंगे।
