दुमका: जिले में तीन दिन पहले शहर के वीर कुंवर सिंह चौक स्थित सदर पुलिस निरीक्षक के कार्यालय के पीछे बरामदे पर एक आदिवासी महिला और उसकी छह साल की बेटी की हत्या मामले का खुलासा हो गया है. दुष्कर्म का विरोध करने पर जैनुल अंसारी नामक युवक ने इस घटना को अंजाम दिया था. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
एसपी ने दी जानकारी
इस पूरे मामले पर दुमका के एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने एक प्रेस वार्ता कर पूरी जानकारी दी. एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि मंगलवार रात ही मां-बेटी की हत्या की गई. बुधवार की सुबह दोनों का शव मिला. उनकी पहचान परिजनों ने की. मृतका दुमका के ही काठीकुंड थाना क्षेत्र की रहने वाली थी. मंगलवार शाम वह वीर कुंवर सिंह चौक के पास खड़ी थी. तभी एक वाहन चालक जैनुल हक उर्फ जैनुल अंसारी की उस पर नजर पड़ी.
इसके बाद महिला को इंस्पेक्टर कार्यालय के पीछे ले गया और दुष्कर्म करने का प्रयास किया. महिला ने जब इसका विरोध किया तो मारपीट कर उसे मौत के घाट उतार दिया. बेटी ने उसे मारपीट करता हुए देख लिया था, तो जैनुल को लगा कि वह लोगों को बता सकती है इसलिए उसकी भी हत्या कर दी गई. जैनुल इतने में ही नहीं रुका महिला ने बैंक से पांच हजार रुपये की निकासी की थी , हत्या करने के बाद पैसे लेकर भाग गया.
टेक्निकल टीम के सहारे पुलिस पहुंची हत्यारे तक
एसपी ने बताया कि हत्याकांड का खुलासा करने के लिए एसडीपीओ विजय महतो के नेतृत्व में नगर थाना की एक टीम बनाई गई. एक सीसीटीवी में आरोपी को महिला के साथ देखा गया. फुटेज के आधार पर आसपास दुकानदारों से पहचान कराई गई तो कुछ लोगों ने कपड़ा देखकर आरोपी के बारे में बताया. उसका मोबाइल नंबर भी हाथ लगा. मोबाइल बंद होने की वजह से शक और गहरा गया। तकनीक की मदद से पुलिस जैनुल तक पहुंच सकी. पुलिस ने जैनुल के पास से महिला का छीना हुआ पांच हजार रुपये और बैंक का पासबुक भी बरामद किया गया.
