शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही, नए साल के आदेशों के साथ नत्थी कर दी पिछले साल की छुट्टियों की List

पंजाब

लुधियाना : शिक्षा विभाग (सैकेंडरी) पंजाब की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विभाग के उच्च अधिकारियों की कथित लापरवाही का एक ताजा मामला सामने आया है जहां नए साल के लिए छुट्टियों और वार्षिक समारोह का शैड्यूल अपडेट करने के आदेश तो जारी कर दिए गए लेकिन उनके साथ जो छुट्टियों की लिस्ट भेजी गई है, वह पिछले साल की है। विभाग की इस चूक ने प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या अधिकारी बिना देखे ही फाइलों और आदेशों पर मोहर लगा रहे हैं।

डायरैक्टोरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन (सैकेंडरी) द्वारा राज्य के सभी सरकारी स्कूल प्रमुखों को वैबसाइट के माध्यम से निर्देश दिए गए हैं कि वे साल के लिए अपनी 2 आरक्षित छुट्टियों, 4 आधे दिन की छुट्टियों और वार्षिक समारोह की तारीखें ई-पंजाब पोर्टल पर अपडेट करें। विडंबना यह है कि इन आदेशों के साथ संदर्भ के लिए जो सरकारी छुट्टियों की सूची भेजी गई है, उस पर विभाग का ध्यान ही नहीं गया कि वह पुरानी हो चुकी है। यह लापरवाही तब सामने आई है जब विभाग स्कूलों को 1 से 20 जनवरी तक का समय दे रहा है।

पोर्टल पर जानकारी अपडेट करने के सख्त निर्देश

विभाग के पत्र के अनुसार, स्कूल प्रमुखों को ई-पंजाब पोर्टल पर छुट्टियों का विवरण ऑनलाइन अपडेट करना अनिवार्य है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि 20 जनवरी के बाद पोर्टल पर किसी भी प्रकार की छुट्टी या वार्षिक समारोह की तारीख अपडेट करने का अवसर नहीं मिलेगा। स्कूलों को हिदायत दी गई है कि वे सरकारी सूची में से ही छुट्टियों का चयन करके उन्हें पहले से स्वीकृत करवा लें। इसके अलावा, कॉम्पलैक्स मिडल स्कूलों के लिए भी वही छुट्टियां मान्य होंगी जो उनके मुख्य स्कूल द्वारा तय की जाएंगी।

अधिकारियों की लापरवाही से स्कूल प्रमुख असमंजस में

एक बार पोर्टल पर जानकारी सबमिट होने के बाद उसे किसी भी सूरत में बदला या रद्द नहीं किया जा सकेगा। विभाग ने नियमों में तो इतनी सख्ती दिखाई है लेकिन खुद की ओर से पुराना कैलेंडर जारी कर बड़ी चूक कर दी है। अधिकारियों के इस ‘कॉपी-पेस्ट’ रवैये के कारण स्कूल प्रमुख असमंजस की स्थिति में हैं कि वे पुराने कैलेंडर के आधार पर अपनी प्लानिंग कैसे सबमिट करें।