छत्तीसगढ़ में माओवादी कमांडर पापा राव आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट आया है. यह घटना नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार की मुहिम में बड़ी सफलता साबित हुई है. 20 साल से खुद के मरने की अफवाह फैलाकर पापा राव बच रहा था, लेकिन जब उसने देखा कि एक-एक कर सभी बड़े नक्सली या तो सरेंडर कर दे रहे हैं या फिर सुरक्षा बलों के हाथों मारे जा रहे हैं तो फैसला किया कि वह अब ‘लाल सलाम’ को आखिरी सलाम बोलेगा. इसके लिए उसने एक स्थानीय पत्रकार का सहारा लिया. पत्रकार ने राज्य के डिप्टी CM व गृहमंत्री विजय शर्मा से पापा राव की फोन पर बातचीत करवाई…
सरेंडर को लेकर गृहमंत्री विजय शर्मा और पापा राव की बातचीत…
- विजय शर्मा- हेलो मैं विजय बोल रहा हूं. आप लोग स्वास्थ्य हैं. सब ठीक हैं. कितने लोग हैं पापा राव जी?
- पापा राव- 21 संख्या है जी.
- विजय शर्मा- मेरा यह कहना है कि 21 लोग हैं तो और विलंब क्यों करना? फोर्स सब हट जाएगा. हथियार हैं साथ में?
- पापा राव- हथियार हैं साथ में, एके 47, इंसास, एसएलआर सब है साथ में.
- विजय शर्मा- आज ही अपन कर लें क्या सरेंडर वाला काम?
- पापा राव- आज कुछ लोग थोड़ा इधर-उधर गए हैं, आज शाम तक आएंगे.
- विजय शर्मा- ठीक है तो कल सुबह कर लेंगे. कल सुबह के लिए एक बस लगवा देते हैं. आपके साथ बैठ के चाय पीना है.
- पापा राव- ठीक है जी.
वेस्ट बस्तर डिवीजन का प्रभारी था पापा राव
बता दें कि माओवादी कमांडर सुन्नम चंद्रैया उर्फ पापा राव (56) बस्तर क्षेत्र के कुख्यात नक्सली था. यह सुकमा जिला का रहने वाला है. 24-25 मार्च 2026 को पापा राव ने अपने 18 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया. पापा राव के ऊपर 25 लाख रुपए का इनाम था. यह वेस्ट बस्तर डिवीजन का प्रभारी भी था. सरेंडर के समय पापा राव ने तीन AK-47, 303 राइफलें और 10 लाख रुपए कैश समेत हथियार जमा किए.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
