हजारीबाग की ऐतिहासिक रामनवमी का शंखनाद! महासमिति अध्यक्ष के लिए 10 धुरंधर मैदान में; 14 मार्च को होगा फैसला, जानें कौन-कौन हैं दावेदार?

झारखण्ड

हजारीबागः जिले की रामनवमी विश्व प्रसिद्ध है. इसे देश के सबसे बड़े जुलूस के रूप में भी देखा जाता है. जहां 36 घंटे तक राम भक्त नाचते गाते मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जन्मोत्सव मनाते हैं. इस त्योहार की तैयारी होली के बाद से शुरू होती है. सबसे पहले रामनवमी महासमिति अध्यक्ष का चयन होता है. उनके हाथों में यह जिम्मेदारी दी जाती है कि वह शांति और सौहार्द्रपूर्ण माहौल में पर्व संपन्न कराए. इस बार महासमिति अध्यक्ष पद के लिए 10 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. 14 मार्च को चुनाव होगा और यह तय होगा कि कौन 2026 की रामनवमी महासमिति का अध्यक्ष बनेगा.

अध्यक्ष पद के चयन को लेकर बैठक की गई

हजारीबाग रामनवमी समिति का अध्यक्ष कौन होगा इसे लेकर राम भक्तों का उत्साह चरम सीमा पर है. हजारीबाग के 10 राम भक्तों ने अध्यक्ष बनाने की दावेदारी पेश की है. अध्यक्ष पद के चयन को लेकर श्री राम जानकी मठ बड़ा अखाड़ा में बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता महंत विजयानंद दास ने की जिसमें किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पायी, जिसके बाद रामनवमी महासमिति के अध्यक्ष पद के लिए कुल 10 लोगों ने अपनी-अपनी दावेदारी पेश की.

9 तारीख के शाम तक नाम वापसी का समय

अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी प्रस्तुत करने वालों में किशन यादव, पुरुषोत्तम पांडेय, लड्डू यादव उर्फ करण यादव, अजय दास, दीप नारायण, राजकुमार सोनी, दीपक देवराज, मनीष यादव उर्फ चरका, घोंचु बंगाली और आशीष सिन्हा शामिल हैं. 9 तारीख के शाम तक नाम वापसी का समय रखा गया है साथ ही साथ यह भी कहा गया है कि कोई उम्मीदवार किसी को समर्थन देंगे वह भी इसका ऐलान शाम तक करेंगे.

रामनवमी संरक्षण समिति के अध्यक्ष प्रशांत प्रधान ने बताया कि इस मंगलवार को सभी दावेदार मिलकर मंगला जुलूस संपन्न करेंगे. रामनवमी महासमिति के अध्यक्ष का चुनाव वोटिंग प्रक्रिया के माध्यम से 14 मार्च को कराया जाएगा. चुनाव में शहर के सभी अखाड़ों के अध्यक्ष एवं सचिव के साथ-साथ रामनवमी महासमिति के पूर्व अध्यक्ष अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.

महासमिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है

जैसे-जैसे रामनवमी नजदीक आएगी वैसे-वैसे हजारीबाग राममय होता नजर आएगा. शायद ही ऐसा कोई चौक चौराहा हो जहां भगवा ध्वज और जय श्रीराम का नारा सुनने को ना मिले. यही कारण है कि अध्यक्ष पद रामनवमी में विशेष महत्व रखता है. हजारीबाग की रामनवमी पूरे देश में अपनी भव्यता, अनुशासन और धार्मिक उत्साह के लिए जानी जाती है. महासमिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है. अध्यक्ष का दायित्व केवल जुलूस का संचालन करना ही नहीं, बल्कि प्रशासन के साथ समन्वय बनाते हुए हजारों रामभक्तों की आस्था और परंपरा को सुरक्षित व व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना होता है.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry