रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का बुधवार को आठवें दिन कई विभागों की अनुदान मांगें पारित की गई. इसमें खाद्य मंत्री दयालदास बघेल के विभागों के लिए 6216 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित हुई. जिसमें 73 लाख राशन कार्डधारियों को मुफ्त चावल, चना-गुड़ और नमक योजनाओं पर जोर दिया गया. वहीं पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल के विभागों के लिए 492 करोड़ रूपए से अधिक की अनुदान मांगे पारित हुई. वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16 हज़ार 560 करोड़ रुपए प्रारित किए गए.
विभागवार जानिए अलग-अलग मंत्रियों के विभागों की अनदान मांगें-
खाद्य विभाग के लिए 6216 करोड़ से अधिक का बजट
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल के विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 6216 करोड़ 73 लाख रुपये की अनुदान मांगें सर्वसम्मति से पारित हुईं.मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों और गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है.
73 लाख राशन कार्डधारियों को मुफ्त राशन
राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 73 लाख से अधिक राशन कार्डधारियों को मुफ्त चावल दिया जा रहा है. इसके साथ ही नमक, चना और गुड़ जैसी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं. अनुसूचित क्षेत्रों में हर राशन कार्ड पर 2 किलो और अन्य क्षेत्रों में 1 किलो आयोडीन युक्त नमक मुफ्त वहीं 85 विकासखंडों में 5 रुपये किलो की दर से 2 किलो चना वितरित हो रहा है. बस्तर संभाग में रियायती दर पर 2 किलो गुड़ भी दिया जा रहा है. इन योजनाओं के लिए अलग-अलग बजट प्रावधान किया गया है.
किसानों से 141 लाख टन धान की खरीदी
सरकार ने खरीफ 2025-26 में 25 लाख से अधिक किसानों से 141 लाख टन धान समर्थन मूल्य पर खरीदा. इसकी कुल कीमत लगभग 33 हजार 431 करोड़ रुपये रही. धान खरीदी को पारदर्शी बनाने के लिए 2740 खरीदी केंद्रों में बायोमेट्रिक सिस्टम लगाया गया. किसानों का पंजीयन एग्रीस्टेक पोर्टल पर किया गया और अधिकांश किसानों को 72 घंटे के भीतर भुगतान किया गया.
नई राशन दुकानें और भंडारण क्षमता बढ़ेगी
राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए 181 नई उचित मूल्य दुकानें शुरू की गईं और 3.32 लाख नए राशन कार्ड जारी किए गए. वहीं भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए नए गोदाम बनाए जा रहे हैं. गोदाम निर्माण के लिए 180 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.
पंचायत और ग्रामीण विकास के लिए 16,560 करोड़
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के विभागों के लिए विधानसभा में बजट पारित किया गया. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16,560 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में कोई भी परिवार आवासहीन न रहे.
- प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए 4265 करोड़
- विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन के लिए 4000 करोड़
- स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए 350 करोड़
- छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 850 करोड़
ग्रामीण सड़कों और आवास पर जोर
सरकार ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 774 सड़कों का निर्माण होगा, इससे 781 बसाहटों को लाभ मिलेगा. वहीं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है.
पुलिस और साइबर अपराध रोकने के लिए बजट
गृह विभाग के लिए भी बड़ा बजट प्रावधान किया गया है. पुलिस विभाग के लिए 7721 करोड़ रुपये रखे गए जिसमें कई जिलों में नए साइबर थाने और नक्सल प्रभावित इलाकों में 15 नए पुलिस थानों के साथ पुलिस बल में हजारों नए पदों की स्वीकृति भी हुई है. साथ ही पुलिस आधुनिकीकरण और डिजिटल जांच प्रणाली पर भी काम किया जाएगा.
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए 225 करोड़
राज्य में विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसमें विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान, सूरजपुर में एस्ट्रो साइंस सेंटर, कई जिलों में नए साइंस पार्क, बस्तर और सरगुजा में मोबाइल साइंस लैब जैसी मुख्य योजनाएं शामिल हैं.
पर्यटन और संस्कृति विभाग के लिए 492 करोड़
पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास विभाग के लिए 492 करोड़ 20 लाख रुपये की अनुदान मांगें पारित हुईं. पर्यटन विभाग के बजट में पिछले साल की तुलना में 55 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. वहीं सरकार ने मुख्यमंत्री जन-पर्यटन प्रोत्साहन योजना शुरू की है. इसके तहत आम नागरिकों को आईआरसीटीसी के माध्यम से पर्यटन स्थलों की यात्रा पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी. पहले चरण में रायपुर से जगदलपुर और बारनवापारा-सिरपुर पर्यटन पैकेज शुरू किए जाएंगे.
मंत्री राजेश अग्रवाल के विभाग से जुड़ी राशि और मुख्य योजनाएं-
- पर्यटन विभाग- 344 करोड़
- संस्कृति विभाग- 98.20 करोड़
- धार्मिक न्यास विभाग- 50 करोड़
इनमें मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के लिए 100 करोड़, श्री रामलला दर्शन योजना के लिए 36 करोड़, शक्तिपीठ भ्रमण योजना के लिए 5 करोड़ और छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना के लिए 5 करोड़ के लिए रखे गए.
सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर जोर
सरकार राज्य की संस्कृति और इतिहास को संरक्षित करने के लिए कई नए प्रोजेक्ट शुरू करेगी. इसमें राजकीय मानव संग्रहालय का निर्माण, छत्तीसगढ़ इतिहास संग्रहालय और अभिलेखागार, पुरखौती मुक्तांगन संग्रहालय का विकास करने की योजना है. वहीं कलाकारों की सहायता राशि 2000 से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति माह होगी.
मंदिरों और धार्मिक मेलों को बढ़ावा
धार्मिक न्यास विभाग के बजट से मंदिरों के जीर्णोद्धार और प्रमुख मेलों के आयोजन को बढ़ावा दिया जाएगा. इनमें राजिम कुंभ, गिरौदपुरी मेला, बस्तर दशहरा और डोंगरगढ़ नवरात्रि मेला शामिल हैं. सरकार का कहना है कि पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक आस्था के विकास से राज्य में रोजगार और आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी.
