Bhondu Baba Case Update: भोंदू बाबा की अजीबोगरीब दुनिया का सच, मोबाइल और काले पेड़ों का क्या है रहस्य?

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के नाशिक में खुद को गॉडमैन बताने वाले कथित भोंदू बाबा उर्फ अशो खरात से जुड़े मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. बाबा खरात की पुलिस कस्टडी खत्म होने से पहले जांच एजेंसियां हर संभव सबूत जुटाने में लगी हुई हैं. पुलिस ने बाबा खरात के ठिकानों और कार्यालयों को सील कर वहां फॉरेंसिक जांच कराई है

अशोक खरात के ठिकानों की जांच के दौरान कई चौंकाने वाली चीजें बरामद हुई हैं, जिनमें भक्तों की एंट्री दर्ज करने वाले रजिस्टर, काले पड़े पेड़े, काले रंग के फल और कुछ संदिग्ध उपकरण शामिल हैं. वहीं, पुलिस ने पीड़ित महिला को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन का रीकंस्ट्रक्शन भी किया.

बाबा के केबिन की जांच की गई

जिस केबिन में कथित तौर पर महिलाओं के साथ शोषण की घटना हुई, उसकी बारीकी से जांच की गई. इसके अलावा, केबिन में लगे साउंडप्रूफ कांच और दरवाजों की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह समझा जा सके कि अंदर की आवाज बाहर तक पहुंचती थी या नहीं.

जांच के दौरान एक और अहम खुलासा सामने आया है. बताया जा रहा है कि अशोक खरात महिलाओं और अन्य भक्तों के लिए अलग-अलग मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था. महिलाओं के नंबर एक अलग मोबाइल में सेव किए जाते थे, जबकि अन्य लोगों के लिए अलग फोन रखा गया था. इतना ही नहीं, महिलाओं के नंबर अलग-अलग नामों से सेव किए गए थे, जिससे किसी को शक न हो.

शिर्डी में जमीन से जुड़े मामले में बाबा खरात पर केस दर्ज

इस बीच, शिर्डी में जमीन से जुड़े एक अन्य मामले में भी अशोक खरात और उसके सहयोगियों पर केस दर्ज किया गया है. चार एकड़ जमीन की खरीद-फरोख्त में कथित धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं. मूल जमीन मालिक की शिकायत पर अशोक खरात, उसकी पत्नी कल्पना खरात, और अन्य सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. आरोप है कि कर्ज चुकाने के नाम पर ऊंचे ब्याज पर पैसे देकर जमीन हड़पने की साजिश रची गई.

11 ट्रस्टियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी

इस पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) की ओर से की जा रही है. पुलिस ने इस मामले में कुछ आरोपियों को हिरासत में भी लिया है और उनसे पूछताछ जारी है. साथ ही, शिवनिका संस्था से जुड़े कई ट्रस्टियों को भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है. रुपाली चाकणकर समेत 11 ट्रस्टियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है.

सूत्रों के अनुसार, कुछ लोगों ने बीमारी का हवाला देकर पूछताछ टालने की कोशिश की है, लेकिन कार्रवाई के डर से उनके सामने आने की संभावना जताई जा रही है. जांच एजेंसियां हवाला रैकेट और विदेशों में पैसे भेजे जाने के एंगल की भी जांच कर रही हैं.

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