बड़वानी: नए पुलिस अधीक्षक के रूप में पद्म विलोचन शुक्ल मिले हैं. अपनी नवाचारी कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले शुक्ल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पत्रकारों से चर्चा की और अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं. इससे पहले झाबुआ में लगभग डेढ़ वर्ष के कार्यकाल के दौरान उन्होंने आदिवासी समाज के सहयोग से थ्री-डी अभियान चलाकर डीजे, दहेज-दापा और दारू जैसी कुप्रथाओं पर अंकुश लगाने की पहल की थी.
जनता का भरोसा जीतना प्राथमिकता
पद्म विलोचन शुक्ल रेलवे में एसपी रहते हुए ‘पटरी की पाठशाला’ और ‘हमारी सवारी भरोसे वाली’ जैसे अभियानों के माध्यम से रेलवे पुलिस की छवि में सकारात्मक बदलाव लाया. प्रेस वार्ता में एसपी शुक्ल ने कहा कि, ”उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास स्थापित करना है.” उन्होंने स्पष्ट किया कि हर जिले की परिस्थितियां अलग होती हैं और उसी के अनुरूप ठोस कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा.
अवैध हथियार-चोरी की घटनाओं पर फोकस
नवागत एसपी ने जिले की प्रमुख चुनौतियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि, ”अवैध हथियारों के लिए चर्चित उमर्टी गांव, बढ़ती चोरी की घटनाएं और सड़क हादसे ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर विशेष फोकस रहेगा. कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ संवेदनशील पुलिसिंग को भी प्राथमिकता दी जाएगी. इन मुद्दों पर पुलिस की रणनीति को और अधिक प्रभावी बनाते हुए सख्ती से कार्रवाई की जाएगी.”
एसपी शुक्ल ने बताया कि, ”झाबुआ जिले में किए गए कार्यों और अभियानों का अनुभव बड़वानी जिले में भी काम आएगा. स्थानीय समाज, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सहयोग से बेहतर कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि लोगों में सुरक्षा और भरोसे का माहौल मजबूत हो सके.”
उन्होंने दोहराया कि, ”पुलिस और जनता के बीच संवाद व विश्वास को मजबूत बनाना ही उनकी कार्यशैली का मूल आधार रहेगा.” पूर्व एसपी जगदीश डावर 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो गए थे, जिसके बाद प्रभारी एसपी व्यवस्था संभाल रहे थे. अब पद्म विलोचन शुक्ल के पदभार ग्रहण करने के साथ ही जिले को स्थायी पुलिस नेतृत्व मिल गया है.
