पूरे अमेरिका में 28 मार्च को नो किंग्स (No Kings) प्रदर्शनकारी एक छोर से दूसरे छोर तक इकट्ठा हुए. यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और कार्यों के खिलाफ उनके दूसरे कार्यकाल के दौरान किया गया. इस कार्यकाल के दौरान लोगों के एकजुट हुए ये तीसरा ऐसा प्रदर्शन था. पूरे देश में 3,000 से ज्यादा कार्यक्रम के होने की उम्मीद थी.
प्रदर्शनकारियों ने मार्च किया, भीड़ बनाकर खड़े हुए और मुख्य सड़कों पर कई सारी लाइनें लगा लीं. जब कई सारी कार वहां से गुजरती थीं, तो वे तख्तियां लहराते, नारे लगाते और उत्साह बढ़ाते थे.
पिछले No Kings विरोध प्रदर्शनों की तरह इसका मकसद भी ट्रंप के फैसलों और नीतियों की आलोचना करना था. No Kings वेबसाइट पर बताया गया था कि 28 मार्च को प्रदर्शनकारी खास तौर पर किन मुद्दों की आलोचना कर रहे थे. इन मुद्दों में ICE की ओर बनाई गई गिरफ्तारियां और मौतें, साथ ही ईरान-अमेरिका के बीच का टकराव शामिल थे.
No Kings वेबसाइड के मुताबिक, नकाबपोश गुप्त पुलिस हमारे समुदायों में दहशत फैला रही है. एक गैर-कानूनी, विनाशकारी युद्ध हमें खतरे में डाल रहा है और हमारी लागतें बढ़ा रहा है. हमारी बोलने की आजादी, हमारे नागरिक अधिकारों और वोट देने की हमारी आजादी पर हमले हो रहे हैं. बढ़ती लागतें परिवारों को कगार पर धकेल रही हैं. ट्रंप हम पर एक तानाशाह की तरह राज करना चाहते हैं. लेकिन यह अमेरिका है और सत्ता लोगों के पास होती है.
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