जहां देखो वहां एआई अपने पैर पसार रहा है, अब हेल्थ केयर में भी एआई की एंट्री हो गई है. अमेजन ने अब लोगों की सुविधा के लिए अपनी वेबसाइट और ऐप में कस्टमर्स के लिए हेल्थकेयर AI असिस्टेंट को शामिल किया है. इस एआई हेल्थ एक्सपर्ट को ऐप और साइट में शामिल करने के पीछे कंपनी का मकसद 30 से ज्यादा बीमारियों की देखभाल को आसान बनाना है.
कंपनी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस असिस्टेंट रिजल्ट समझा सकता है, मरीजों को प्रोवाइडर्स से कनेक्ट कर सकता है और दवाओं और लक्षणों के बारे में सवालों के जवाब दे सकता है. जनवरी में अनाउंस किया गया यह मॉडल पहले सिर्फ कंपनी के क्लिनिकल सर्विस प्रोवाइडर वन मेडिकल के मेंबर्स के लिए एक्सक्लूसिव होगा. एक बात जो यहां गौर करने वाली है वह यह है कि फ्री असिस्टेंट इस्तेमाल करने के लिए कस्टमर्स को प्राइम, कंपनी की प्रीमियम प्रिस्क्रिप्शन सर्विस या वन मेडिकल का मेंबर होने की जरूरत नहीं है. आसान भाषा में अगर समझें तो इस नए एआई हेल्थ टूल का इस्तेमाल हर कोई कर पाएगा.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक,अमेजन वन मेडिकल के चीफ मेडिकल ऑफ़िसर एंड्रयू डायमंड ने कहा, हेल्थकेयर में रुकावट पैदा करने वाले लॉजिस्टिकल और इन्फ़ॉर्मेशनल काम को संभालने के लिए हेल्थ AI को डिजाइन किया गया है, ताकि मरीज और प्रोवाइडर उन चीजों पर ज्यादा समय दे सकें जो सबसे ज्यादा जरूरी है.
इन बीमारियों के लिए दे सकता है सलाह
मुंहासे और सिर की जूं से लेकर डायबिटीज और स्लीप एपनिया जैसी नॉन-इमरजेंसी कंडीशन के लिए, ये एआई एजेंट लक्षणों को मैनेज करने, वर्चुअल असेसमेंट करने और इलाज की सलाह देने में मदद कर सकता है. कस्टमर को एआई असिस्टेंट को मेडिकल डेटा एक्सेस करने की परमिशन देनी होगी जिसमें लैब रिजल्ट, रिकॉर्ड और क्लिनिकल नोट्स शामिल हैं.
कंपनी के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा कि असिस्टेंट ट्रीटमेंट प्लान नहीं बनाता है और जब मरीजों को ट्रीटमेंट की जरूरत होती है या उनकी कंडीशन मुश्किल होती है तो उन्हें एक प्रोवाइडर से कनेक्ट किया जाता है. लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि जो मरीज वन मेडिकल मेंबर नहीं हैं या प्राइम के जरिए इंटरोडक्टरी ऑफर का लुत्फ नहीं उठा रहे हैं उनसे 29 डॉलर का चार्ज लिया जाता है.
