नक्सल प्रभावित बीजापुर में एसआईआर, पहुंचविहीन गांवों में प्रशासन की टीम

मध्य प्रदेश

बीजापुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के दुर्गम और पहुंच विहीन क्षेत्रों में अब प्रशासनिक अधिकारी पहुंच रहे हैं और ग्रामीणों को शासन की मूलभूत योजनाओं से जोड़ रहे हैं. ग्राम पंचायत गमपुर अंतर्गत ग्राम अंडरी में भी प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त टीम पहुंची. यहां सैचुरेशन सर्वे किया गया और SIR फार्म भी भराए गए.

नक्सल प्रभावित अति दुर्गम गांवों में SIR

पीड़िया कैंप से लगभग 7 किलोमीटर का कठिन और पहाड़ी रास्ता तय कर एक टीम अंडरी गांव पहुंची. इस टीम में गंगालूर के तहसीलदार डहरिया, सीईओ जनपद पंचायत पीआर साहू, जनपद सदस्य हिमांशु गायता, पीड़या के सरपंच सन्नू अवलम, जनपद पंचायत के कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक, ग्राम पंचायत गमपुर और पीड़या के सचिव के साथ ही राशन दुकान के सेल्समैन शामिल रहे.

कुल छह बाइक का काफिला अन्ड्री गांव तक पहुंचा. ग्रामीणों को नियद नेल्लानार सर्वे के उद्देश्य, प्रक्रिया और SIR फार्म भरने का महत्व बताया गया. पात्र हितग्राहियों को छत्तीसगढ़ शासन की सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं, स्वास्थ्य सुरक्षा, शिक्षा, राशन, सामाजिक सुरक्षा, आवास, कृषि सहायता और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई.

अंदरूनी इलाके में मतदान नहीं हुआ करता था, लेकिन यहां के लोगों में वोट डालने को लेकर रुझान था, इसलिए SIR का काम करवाया जा रहा है. इसके लिए हम गांव गांव पहुंचकर इस काम को कर रहे हैं- पीआर साहू, सीईओ जनपद पंचायत

अंडरी ग्रामीणों को मिलेंगी सुविधाएं

सर्वे के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं और उनकी जरूरतों की जानकारी भी ली गई ताकि भविष्य में बेहतर सेवा उपलब्ध कराई जा सके. टीम ने यह भी बताया कि ग्रामीणों के डिटेल्स के आधार पर पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की कार्यवाही भी की जाएगी.

अंडरी जैसे दूरस्थ क्षेत्र में पहुंची टीम का ग्रामीणों ने भी स्वागत किया. ग्रामीणों ने बताया, ”पहली बार इस स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने से उन्हें योजनाओं के लाभ मिलने की उम्मीद बढ़ी है.” यह पहल शासन की “अंतिम लाभार्थी तक पहुंच” की अवधारणा को गति देने वाली मानी जा रही है.

सैचुरेशन सर्वे क्या है

सैचुरेशन सर्वे का उद्देश्य किसी योजना या सर्वेक्षण के सभी पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति छूटे नहीं. प्रशासन का मानना है कि फील्ड विजिट और सर्वे कार्यों के जरिए दुर्गम क्षेत्रों में विकास की राह और मजबूत होगी. ग्रामीणों का सरकार पर विश्वास और ज्यादा मजबूत होगा.

छत्तीसगढ़ में एसआईआर

छत्तीसगढ़ में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 4 नवम्बर 2025 से जारी है. 30 नवम्बर तक प्रदेश में लगभग 01 करोड़ 92 लाख से ज्यादा गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कार्य पूरा किया जा चुका है, जो कुल 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 91 प्रतिशत है.

SIR प्रक्रिया की समयसीमा बढ़ी

12 राज्यों में चल रहा SIR अब 11 दिसंबर तक अपडेट किया जा सकता है. अब ड्राफ्ट रोल 16 दिसंबर को जारी होगा. एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि 4 दिसंबर तक थी लेकिन 30 नवंबर को चुनाव आयोग ने एसआईआर की समय सीमा 1 हफ्ते के लिए बढ़ा दी. ड्राफ्ट पब्लिकेशन का समय 9 दिसंबर 2025 से बदलकर 16 दिसंबर 2025 कर दिया गया है. दावे और आपत्ति की तारीख अब 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक बढ़ा दी गई है. मतदाताओं की अंतिम लिस्ट 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी.