जुलाना: कस्बे की नई अनाज मंडी में आज उस समय माहौल गरमा गया जब भारी संख्या में किसानों ने ट्रैक्टरों पर नंबर प्लेट अनिवार्य करने के सरकारी नियम के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने मंडी परिसर में ही डेरा डाल दिया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक यह “तुगलकी फरमान” वापस नहीं लिया जाता, उनका विरोध जारी रहेगा।
क्या है पूरा विवाद?
हाल ही में प्रशासन द्वारा यह नियम लागू किया गया है कि जिस ट्रैक्टर पर वैध नंबर प्लेट नहीं होगी, उसे मंडी के भीतर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इतना ही नहीं, बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों के ‘गेट पास’ काटने पर भी रोक लगा दी गई है। इस फैसले ने मंडी में फसल लेकर आने वाले किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
धरने की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ किसान नेता कृष्ण ढांडा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर ऐसे फैसले ले रही है जिससे अन्नदाता परेशान हो। उन्होंने कहा कि सीजन के बीच में इस तरह का नियम थोपना पूरी तरह अनुचित है। कई छोटे और गरीब किसानों के ट्रैक्टर अभी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में हैं या पुरानी मशीनों पर नंबर प्लेट नहीं है। ऐसे में उनकी फसल को मंडी के बाहर रोकना उनके साथ अन्याय है।”
प्रदर्शनकारी किसानों ने बताया कि फसल का पीक सीजन चल रहा है। मंडी में देरी होने का सीधा मतलब है फसल की बर्बादी और आर्थिक नुकसान। किसानों ने मांग की है कि इस नियम को तुरंत शिथिल किया जाए ताकि किसान बिना किसी बाधा के अपनी उपज बेच सकें।
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