धमतरी: वनमंडल धमतरी के अंतर्गत वन परिक्षेत्र केरेगांव में अज्ञात शिकारियों द्वारा नीलगाय का शिकार किए जाने की घटना से वन विभाग में हड़कंप मच गया. मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की.
नर नीलगाय का तीरों से शिकार
22 मार्च 2026 की सुबह लगभग 7:30 बजे बासीखाई बीट के आरक्षित वन कक्ष क्रमांक-121 में गश्ती दल को एक नर नीलगाय मृत अवस्था में पड़ा मिला. नीलगाय की उम्र लगभग 3 से 4 वर्ष बताई गई. मौके पर निरीक्षण के दौरान उसके गर्दन, पेट एवं पिछले हिस्से में तीर लगे पाए गए, जिससे प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हो गया कि शिकारियों द्वारा सुनियोजित तरीके से उसका शिकार किया गया है.
गरियाबंद डॉग स्क्वॉड ने शिकारी तक पहुंचाया
घटना की जानकारी मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित वन अमला तत्काल घटनास्थल पहुंचा और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की गई. साक्ष्य जुटाने के दौरान घटनास्थल से तीर एवं अन्य महत्वपूर्ण सुराग बरामद किए गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व, गरियाबंद से विशेष डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया.
मुख्य आरोपी और अन्य शिकारी गिरफ्तार
डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल से मिले तीर की गंध के आधार पर लगातार ट्रैकिंग करते हुए टीम को सीधे ग्राम डोकाल तक पहुंचाया, जहां आरोपी मन्नू के घर की पहचान की गई. वन विभाग द्वारा पूछताछ किए जाने पर आरोपी के खिलाफ शिकार से जुड़े पुख्ता साक्ष्य मिले. इसके बाद वन विभाग ने आरोपी मन्नू सहित अन्य संलिप्त शिकारियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है. आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया जारी है.
अवैध शिकार करने वालों पर कार्रवाई
डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने बताया कि जिले में वन्यप्राणियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा उड़नदस्ता स्ट्राइक फोर्स, गुप्तचर तंत्र और संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी व्यवस्था लागू की गई है, ताकि वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके. वन विभाग ने आम लोगों और ग्रामीणों से अपील की है कि वन्यजीवों के शिकार, तस्करी या किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी वन कार्यालय या विभागीय अधिकारियों को दें. सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी और शासन द्वारा प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान है.
वन अपराध से संबंधित सूचना वनमंडलाधिकारी कार्यालय धमतरी के फोन नंबर 07722-238371 पर भी दी जा सकती है. वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा में जनसहभागिता बेहद आवश्यक है और ऐसे अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा.
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