रांची: ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के असर से भारत में सबसे ज्यादा LPG सिलेंडरों की सप्लाई पर पड़ा है. राजधानी रांची सहित पूरे झारखंड में एलपीजी की उपलब्धता अब सुलभ नहीं रह गई है. गैस एजेंसियों के ऑफिस से लेकर गोदामों तक ग्राहकों की भीड़ लगी हुई है. अब रसोई गैस की किल्लत का असर अस्पतालों में भर्ती मरीजों के भोजन पर भी पड़ने की आशंका बढ़ गई है.
सदर अस्पताल में सिर्फ दो-ढाई दिनों का स्टॉक बचा
रांची के दो बड़े सरकारी अस्पतालों रिम्स और सदर अस्पताल में मरीजों के लिए खाना बनाने वाले मुख्य किचन में फिलहाल गैस की कमी नहीं है, लेकिन अगर शीघ्र सिलेंडरों की व्यवस्था नहीं हुई तो इंडोर में भर्ती मरीजों के भोजन की उपलब्धता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.
सदर अस्पताल के किचन में आज की तारीख में सिर्फ 07 कॉमर्शियल LPG सिलेंडर बचे हैं. यहां हर दिन करीब तीन कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की खपत होती है. मुख्य रसोइया कृष्णा महतो ने बताया कि अभी तक मरीजों को मिलने वाले रोजाना भोजन में कोई दिक्कत नहीं आई है, लेकिन गैस का स्टॉक घटता जा रहा है. अभी सिर्फ 07 सिलेंडर बचे हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा दो-ढाई दिनों का खाना बन सकता है. इस बीच अगर सिलेंडरों की व्यवस्था नहीं हुई तो दिक्कत हो सकती है.
सदर अस्पताल में मरीजों के लिए भोजन बनाने की जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसी राहुल इंटरप्राइजेज के साइड मैनेजर विवेक ने कहा कि गैस एजेंसी से बात हुई है. उन्होंने कल तक सिलेंडर उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है. ऐसे में पैनिक होने की जरूरत नहीं है. मरीजों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए वैकल्पिक साधन भी तैयार रखे गए हैं.
रिम्स में खपत की आधी ही सप्लाई हो रही, गेल से पाइपलाइन की बात
रिम्स के जनसंपर्क पदाधिकारी साल्विया ने बताया कि रिम्स किचन में हर दिन 07 कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की खपत होती है, लेकिन अभी हर दिन सिर्फ 03-04 सिलेंडर की ही सप्लाई हो रही है. इससे एलपीजी सिलेंडर का स्टॉक कम होता जा रहा है. उन्होंने बताया कि रिम्स किचन तक गैस पाइपलाइन पहुंच चुकी है. रांची में गैस पाइपलाइन बिछाने और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाली कंपनी गेल के अधिकारियों से बात हुई है, ताकि जल्द से जल्द किचन में पाइपलाइन से गैस पहुंचने लगे. इससे एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी. तब तक एलपीजी सप्लाई करने वाली एजेंसी से नियमित आपूर्ति बहाल रखने को कहा गया है.
गैस की कमी को देखते हुए मरीजों के भोजन के मेनू में बदलाव पर विचार किया जा रहा है. पकने में ज्यादा समय लेने वाले दाल, सब्जी और नॉनवेज की जगह जल्दी पकने वाले भोज्य पदार्थों को ‘आहार मेनू’ में शामिल करने पर विचार है. जनसंपर्क पदाधिकारी ने बताया कि अभी तक गैस की किल्लत से किसी भी तरह की परेशानी इंडोर मरीजों को नहीं हुई है और रिम्स प्रबंधन की कोशिश है कि आने वाले दिनों में किसी तरह की दिक्कत न हो.
सदर अस्पताल में गैस की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी: उपाधीक्षक
सदर अस्पताल रांची के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश कुमार सिंह ने बताया कि अभी सदर अस्पताल में दो-तीन दिनों के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं. जिला प्रशासन और गैस आपूर्ति एजेंसी की ओर से भरोसा दिया गया है कि कल तक 25 कॉमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध करा दिए जाएंगे. ऐसे में उम्मीद है कि सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों को मिलने वाला नाश्ता और खाना प्रभावित नहीं होगा.
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