बालोद प्रशासन का ‘सुपर एक्शन’! पोण्डी में लगा शिकायतों का अंबार, अधिकारियों ने मौके पर ही निपटाए 159 मामले; ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

छत्तीसगढ़

बालोद: बालोद जिले के ग्राम पोंडी में शुक्रवार को जिला स्तरीय जन जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जहां प्रशासन बस में सवार होकर गांव पहुंचा. प्रशासन आपके द्वार की अवधारणा को साकार करते हुए पोण्डी में आयोजित शिविर में न केवल ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया, बल्कि मौके पर ही 159 आवेदनों का निराकरण कर हितग्राहियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया.

बस में सवार होकर पहुंचे आला अधिकारी

शिविर की खास बात यह रही कि कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी और अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक सहित जिले के आला अधिकारी बस में सवार होकर ग्राम पोण्डी पहुंचे. ग्रामीणों और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने तिलक लगाकर और स्वागत के साथ प्रशासन का अभिनंदन किया.

योजनाओं की लगी झड़ी, मौके पर मिले प्रमाण पत्र

शिविर के दौरान शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सामग्री और सहायता राशि का वितरण किया गया:

समाज कल्याण: 06 श्रवण यंत्र, 03 छड़ी, 01 बैटरी चलित ट्राईसाइकिल और 4 दिव्यांग महिलाओं को सिलाई मशीनें.

श्रम एवं परिवहन: 84 हितग्राहियों को श्रम कार्ड और 39 को लर्निंग लाइसेंस

खाद्य एवं आवास: 120 राशन कार्ड और 10 प्रधानमंत्री आवास योजना के पूर्णता प्रमाण पत्र.

पेंशन: मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय एवं वृद्धजन पेंशन योजना के तहत 15 हितग्राहियों को चेक.

कृषि एवं मत्स्य: 05 स्प्रेयर मशीन, मछली जाल और आइस बॉक्स का वितरण.

सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध शपथ

संबोधन के दौरान कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व को समझाया और घर-घर सोख्ता गड्ढा बनाने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने बाल विवाह के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए लोगों को इसे रोकने की शपथ दिलाई. साथ ही, ‘उल्लास कार्यक्रम’ के तहत 15 वर्ष से ज्यादा उम्र के निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए सहभागिता की अपील की.

मानवीय संवेदनाओं का संगम

शिविर में प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ मानवीय मूल्यों की भी झलक दिखी. अतिथियों ने नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार (खीर खिलाकर) कराया और गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंट कर उनकी गोदभराई की रस्म पूरी की. स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के स्टॉल पर निःशुल्क जांच कर दवाइयां भी बांटी गई.

1304 आवेदनों का पहले ही हो चुका है निराकरण

प्रशासन की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शिविर से पूर्व पिछले 10 दिनों में आसपास के गांवों से 1304 आवेदन मिले थे, जिनका शत-प्रतिशत निराकरण शिविर लगने से पहले ही सुनिश्चित कर लिया गया था. इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू ने प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी.

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