MP Junior Doctors Strike 2026: मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हड़ताल, 8000 डॉक्टर्स ने किया काम बंद; स्वास्थ्य मंत्री बोले- “जल्द होगा समाधान”

मध्य प्रदेश

भोपाल: मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टरों ने लंबित स्टाइपेंड संशोधन को लेकर सोमवार सुबह 9 बजे से हड़ताल शुरू कर दी है. जूनियर डाक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) के नेतृत्व में रेजिडेंट डाक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न सरकारी अस्पतालों की ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार कर रहे हैं. इससे प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं. हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी रखी गई हैं और ऑपरेशन थिएटर में केवल अति गंभीर मरीजों का ही इलाज किया जा रहा है.

ओपीडी सेवाएं ठप, मरीजों को नहीं मिला इलाज

राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से हमीदिया अस्पताल की ओपीडी व्यवस्था प्रभावित हुईं. मरीज सुबह से अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए. कई मरीज इलाज के लिए भटकते नजर आए. मरीज रामलाल अहिरवार ने बताया कि “वे सुबह से अस्पताल में बैठे हैं, लेकिन डाक्टरों की हड़ताल के कारण इलाज नहीं हो पा रहा है. पैरों में दर्द और अन्य बीमारियों से परेशान होने के बावजूद उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है.”

मांग नहीं मानी, तो चलती रहेगी हड़ताल

जूनियर डाक्टर्स एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन थिएटर में केवल अति गंभीर मरीजों का ही ऑपरेशन किया जाएगा. सामान्य और इलेक्टिव सर्जरी जैसे हर्निया, राड इंप्लांट और अन्य तय ऑपरेशन फिलहाल टाल दिए गए हैं. इससे इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है. डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर निर्णय नहीं होता, तब तक सामान्य सेवाओं का बहिष्कार जारी रहेगा.

अप्रैल 2025 से लागू होना था संशोधित स्टाइपेंड

जूनियर डाक्टर्स एसोसिएशन के ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि “मध्य प्रदेश शासन के 7 जून 2021 के आदेश के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित स्टाइपेंड संशोधन 1 अप्रैल 2025 से लागू होना था, लेकिन अब तक न तो संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया है और न ही अप्रैल 2025 से डीए एरियर का भुगतान हुआ है. डाक्टरों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शासन और संबंधित विभागों को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है.”

डीन और एचओडी को सौंपा ज्ञापन

जेडीए के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज के डीन और विभागाध्यक्षों को ज्ञापन सौंपा दिया गया है. इसमें स्पष्ट किया गया है कि रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न ओपीडी और अन्य इलेक्टिव सेवाओं का बहिष्कार करेंगे, जबकि आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी. बता दें कि जूनियर डॉक्टर पिछले तीन दिनों से काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. इसके बावजूद मांगों पर कोई निर्णय नहीं होने के कारण सोमवार से हड़ताल का निर्णय लिया गया.

राजेंद्र शुक्ल बोले- जल्द होगा निराकरण

वहीं जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल पर जबलपुर में डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मेरी उनसे बात हो गई है. उनका निराकरण बहुत जल्द होने वाला है, इसलिए हड़ताल पर जाने के बजाए वे अपनी ड्यूटी पर जाएं, ऐसी मेरा अनुरोध है.”

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