उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में दुकान पर मैगी लेने गई मासूम खौलते हुए पानी में गिरने के बाद बुरी तरह रे झुलस गई थी. परिजनों ने आनन-फानन में उसे अस्पताल में भर्ती कराया था. सात दिन तक आईसीयू में रहने के बाद मासूम वैष्णवी जिंदगी से जंग हार गई. 3 दिन बाद होने वाली होली से पहले जब बेटी की अर्थी घर पहुंची, तो पूरा गांव फफक पड़ा. जिस बिटिया के साथ होली में रंग खेलने की तैयारी थी, आज उसी की अंतिम विदाई की गई. बच्चों और बुजुर्गों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर चेहरे पर मायूसी थी, हर जुबान पर एक ही दुआ, भगवान ऐसा दर्द किसी को न दे.
दरअसल, खौलते पानी में गिरने के बाद सात वर्षीय वैष्णीय गंभीर रूप से झुलस गई थी. लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में करीब सात दिन तक जिंदगी और मौत से जंग लड़ने के बाद शनिवार को उसकी मौत हो गई. बच्ची की अंतिम विदाई पर बिलखते हुए परिजनों ने अपनी लाडली के चेहरे और शरीर पर अबीर-गुलाल लगाकर विदा किया. इस दृश्य को देखकर हर कोई गमगीन हो गया, सभी आंखें नम हो गई.
खौलते पानी में गिरने से हुआ हादसा
वैष्णवी पास की ही एक दुकान में मैगी लेने के लिए गई थी. मैगी पकड़ते समय अचानक संतुलन बिगड़ने से वैष्णवी खौलते पानी के भगोने में जा गिरी. हादसे में वह करीब 60 फीसदी तक झुलस गई. घरवालों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया. वहां से जिला अस्पताल और फिर लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया. दुकानदार अपनी दुकान के पास ही खोया बनाता था, जिसकी वजह से वो एक बड़े बर्तन में पानी खौला रहा था.
मां का रो-रोकर बुरा हाल
मासूम वैष्णवी की मौत के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है. मां ने कहा कि बेटी का कमरा ऊपर है, उसे किसी की खोलने की हिम्मत नहीं पड़ रही है. डर लगता है, ऐसा लगता है जान निकल जाएगी. वैष्णवी की मां, बस बार-बार यही कह रही है कि इस बार बेटी की खूब रंग लगाउंगी और पूरे गांव में घूमकर होली खेलेंगी. वहीं परिजनों को उसकी मौत से गहरा सदमा लगा है.
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