विदिशा: वेलेंटाइन डे के मौके पर विदिशा की तहसील सिरोंज से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सामान्य होते हुए भी लोगों का ध्यान खींचा. यहां रहने वाली 29 वर्षीय रेणुका नामदेव, जिनकी लंबाई 3.8 फीट है, और महाराष्ट्र के पुणे से 29 वर्षीय प्रतीक धानुक, जिनकी लंबाई 4.02 फीट है, ने एक-दूसरे को जीवनसाथी चुना. पहली नजर में यह एक सामान्य विवाह जैसा लगता है, लेकिन इसकी शुरुआत और सफर इसे अलग बनाते हैं.
हाइट के चलते नहीं हो रही थी रेणुका की शादी
रेणुका पढ़ाई में बीए और एलएलबी कर चुकी हैं. परिवार और समाज में सक्रिय रहने वाली रेणुका की सबसे बड़ी चिंता थी, उनकी शादी. कई रिश्ते आए, बातचीत भी हुई, लेकिन कम लंबाई के कारण बातें आगे नहीं बढ़ पाईं. परिवार ने समय के साथ महसूस किया कि आम तरीकों से रिश्ता ढूंढना मुश्किल हो रहा है. इसी वजह से उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विकल्प तलाशने शुरू किए.
सोशल मीडिया पर मिला धानुक
करीब छह महीने बाद उन्हें प्रतीक धानुक का बायोडाटा मिला. प्रतीक भी ऊंचाई से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर चुके थे, इसलिए वे जीवनसाथी को लेकर समझदारी से फैसला लेना चाहते थे. दोनों परिवारों के बीच बातचीत शुरू हुई और कुछ समय बाद मुलाकात तय हुई. पहली मुलाकात में किसी तरह का दिखावा या औपचारिकता नहीं थी. सिर्फ सीधी सच्ची बातचीत. दोनों ने महसूस किया कि उनकी परिस्थितियां और अनुभव काफी हद तक मिलते-जुलते हैं, जिससे एक सहज समझ बनती है.
परिवारों ने भी इसे एक उपयुक्त रिश्ता माना. न कोई जल्दबाज़ी थी, न कोई संदेह. कुछ महीनों की बातचीत के बाद दोनों परिवार शादी के लिए सहमत हो गए. वेलेंटाइन डे का दिन इसके लिए चुना गया, ताकि सभी के लिए यादगार रहे, लेकिन किसी तरह की भव्यता या विशेष तैयारी नहीं की गई. यह एक सामान्य परिवार का सामान्य विवाह था. बस इसकी पृष्ठभूमि थोड़ी अलग थी.
यह शादी इसलिए चर्चा में आई क्योंकि यह इस बात का उदाहरण बन गई कि सोशल मीडिया सिर्फ दिखावे या मनोरंजन का माध्यम नहीं है. कई बार यह लोगों को उनकी ज़िंदगी की सबसे जरूरी जोड़ियों से भी मिलवा देता है. रेणुका और प्रतीक का यह रिश्ता खास इसलिए है क्योंकि यह किसी बाहरी चमक-दमक की वजह से नहीं, बल्कि समान समझ, सरल सोच और सहजता के आधार पर बना है.
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