हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक माता चिंतपूर्णी, ज्वालाजी मंदिर और पर्यटन स्थलों की ओर सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दरअसल, अब चंडीगढ़ से धर्मशाला का सफर आसान हो जाएगा। जानकारी के मुताबिक, कीरतपुर साहिब से नंगल तक नेशनल हाईवे-503 को फोर लेन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे आने वाले समय में यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सड़क सुविधा मिलेगी।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही जिन जमीनों का अधिग्रहण किया जाना है, उनके खसरा नंबर भी सार्वजनिक कर दिए गए हैं। प्रभावित लोग अब NHAI कार्यालय में जाकर परियोजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। सड़क के फोर लेन होने से जहां यात्रा समय कम होगा, वहीं दुर्घटनाओं की संभावनाओं में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। यह मार्ग हिमाचल प्रदेश के चिंतपूर्णी, ज्वालाजी और धर्मशाला जैसे प्रमुख स्थलों को जोड़ता है, जिस कारण सालभर यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है।
यह मार्ग तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री कीरतपुर साहिब, माता नैना देवी, माता चिंतपूर्णी और माता ज्वालाजी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को जोड़ता है। फोर लेन बनने से न सिर्फ श्रद्धालुओं, बल्कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा और परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
बता दें कि, आनंदपुर साहिब से नंगल तक का सड़क मार्ग लंबे समय से दुर्घटनाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता रहा है। रोज़ाना हो रहे हादसों के कारण स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसी को देखते हुए इस मार्ग को चौड़ा करने की मांग काफी समय से उठाई जा रही थी। नेशनल हाईवे-503 पर रूपनगर जिले में किलोमीटर 44.7 से 61.7 तक के हिस्से को फोर लेन करने की स्वीकृति दे दी गई है। संबंधित विभागों का कहना है कि अब इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि सड़क सुरक्षा बेहतर हो और यात्रियों को राहत मिल सके।
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