Deoghar Police Crime Plan: देवघर में अपराध मुक्त माहौल के लिए पुलिस की खास रणनीति, जानें क्या है नया ‘सख्त’ एक्शन प्लान

झारखण्ड

देवघर: जिले में इन दिनों साइबर अपराध के साथ-साथ चोरी, छिनतई और हत्या जैसी आपराधिक घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. बढ़ते अपराध ने पुलिस प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी है. हालात को नियंत्रण में रखने के लिए जिले के एसपी सौरभ खुद मोर्चा संभाले हुए हैं.

क्राइम कंट्रोल करने के लिए जिले के सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्ती तेज कर दी गई है. एसपी के निर्देश पर डीएसपी, सर्किल इंस्पेक्टर, थाना प्रभारी और सहायक थाना प्रभारी को रोजाना संवेदनशील क्षेत्रों की गश्ती रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.

अपराधियों पर पुलिस की नजर

पुलिस जमीन विवाद और अवैध कब्जे को लेकर गोलीबारी जैसी घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधियों पर भी खास नजर बनाए हुए है. ऐसे शातिर तत्वों को चिन्हित किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है.

सुनसान इलाकों में पुलिस टीम की तैनाती

शहर के सुनसान इलाकों में बढ़ रही छिनतई की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने एयरपोर्ट क्षेत्र, बस स्टैंड और जसीडीह रेलवे स्टेशन मार्ग पर विशेष पुलिस टीम की तैनाती की है. एसपी ने बताया कि देर रात ट्रेन, बस या फ्लाइट से लौटने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता है.

बढ़ता नशे का कारोबार चिंता की वजह

नशे के बढ़ते कारोबार पर चिंता जताते हुए एसपी सौरभ ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि उनके बच्चे नशे की गिरफ्त में हैं तो बिना डर पुलिस से संपर्क करें. पुलिस ऐसे युवाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी, बल्कि उनके जरिए नशा तस्करों तक पहुंचने का प्रयास करेगी. इसका उद्देश्य अगली पीढ़ी को नशे की लत से बचाना है.

लूट और चोरी की घटनाओं पर निपटने की तैयारी

लूट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा सीएसपी संचालकों, पेट्रोल पंप कर्मियों और ज्वेलरी दुकानदारों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. ज्वेलरी दुकानदारों और सीएसपी संचालकों को सीसीटीवी कैमरे लगाने, सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने और संदिग्ध ग्राहकों पर नजर रखने की सलाह दी गई है.

आम लोगों से सजग रहने की अपील

एसपी ने साफ कहा कि अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी केवल पुलिस की नहीं, बल्कि आम लोगों की भी है. उन्होंने कहा कि यदि नागरिक सजग रहेंगे और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना समय पर देंगे, तो अपराधियों को मौका नहीं मिलेगा और पुलिस को कार्रवाई करने में आसानी होगी.

गौरतलब है कि देवघर में जहां साइबर अपराध पहले से ही चिंता का विषय बना हुआ है, वहीं अब लूट, मादक पदार्थों की तस्करी और हत्या की घटनाएं भी कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है.

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