इंदौर: डांसिंग कॉप के नाम से प्रसिद्ध ट्रैफिक पुलिस आरक्षक रंजीत सिंह को वापस से आरक्षक बना दिया गया है. पिछले दिनों उनके काम को देखते हुए उन्हें कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के पद पर पुलिस के ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पदस्थ किया गया था, लेकिन लखनऊ की एक महिला द्वारा जिस तरह से उन पर गंभीर आरोप लगाए गए, उसको देखते हुए उनको वापस से आरक्षक के पद पर पुलिस के ही वरिष्ठ अधिकारियों ने पदस्थ कर दिया है. जो की एक बड़ी सजा मानी जा रही है.
डांसिंग कॉप पर महिला ने लगाए आरोप
इंदौर के हाईकोर्ट चौराहे पर अपने अनोखे डांस स्टेप के जरिए ट्रैफिक को कंट्रोल करने को लेकर सुर्खियों में आए थे. उनका ट्रैफिक को कंट्रोल करने और नियमों का पालन करने का तरीका सभी को पसंद आया था. इसे देखते हुए इंदौर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ किया था, लेकिन इसी बीच डांसिंग कॉप रंजीत को लेकर लखनऊ की एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए.
कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के पद से हटे डांसिंग कॉप
मामला बढ़ता देख रंजीत सिंह के खिलाफ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एक विभागीय जांच बैठाई. जहां विभागीय जांच में कई तरह की शिकायतें अधिकारियों तक पहुंची. इन सब चीजों को देखते हुए वापस से रंजीत सिंह को आरक्षक के पद पर पदस्थ किया गया. जिसे एक तरह से अधिकारियों द्वारा दी उन्हें सजा माना जा रहा है. मामले में एडिशनल पुलिस कमिश्नर आरके सिंह का कहना है कि “पिछले कुछ दिनों से लगातार उनके काम की मॉनिटरिंग की जा रही थी. जिस तरह से उनके काम को देखते हुए कार्यवाहक प्रधान आरक्षक बनाया गया था, लेकिन कार्यवाहक प्रधान आरक्षक बनने के बाद वह उस स्तर पर पुलिस का काम नहीं कर रहे थे. जिसके चलते उन्हें वापस से आरक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है.”बताया जा रहा है कि इंदौर पुलिस द्वारा लगातार ऐसे पुलिसकर्मियों को चिन्हित किया जा रहा है, जो अपने काम में लापरवाही बरत रहे हैं. पूर्व में भी ऐसी कई सजा अन्य पुलिसकर्मियों को भी मिल चुकी है.
