कौशल विकास के नाम पर 9 हजार करोड़ का घोटाला, कमलनाथ ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

मध्य प्रदेश

छिन्दवाड़ा : पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने देश में स्किल डेवलपमेंट के नाम पर करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाया है. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक बयान में कहा कि कैग (CAG) रिपोर्ट के अनुसार भाजपा सरकार की स्किल इंडिया/PMKVY योजना में 9,200 करोड़ से अधिक का बड़ा घोटाला सामने आया है. कमलनाथ ने छिंदवाड़ा जिले में बने स्किल सेंटर को देखने की नसीहत भी दे डाली है.

कमलनाथ ने दिया कैग रिपोर्ट का हवाला

कमलनाथ ने कहा, ” 2015 से 2022 के बीच 1.32 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित करने के नाम पर 10,194 करोड़ प्रस्तावित हुए, लेकिन 18 दिसंबर 2025 को संसद में प्रस्तुत कैग की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट ने इस योजना में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की परतें खोल दी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक PMKVY 2.0 और 3.0 में 94 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों के बैंक खाते फर्जी या अमान्य पाए गए. कई मामलों में एक ही बैंक खाता हजारों उम्मीदवारों से जोड़ा गया और एक ही फोटो के आधार पर सैकड़ों लाभार्थियों को अलग-अलग राज्यों में प्रशिक्षित दिखा दिया गया. यह न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ खुला धोखा भी है.”

प्लेसमेंट के आंकड़े भी दिखाए गए झूठे : कमलनाथ

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, ” रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि प्लेसमेंट के आंकड़े जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए. कई स्थानों पर बंद या नाममात्र के प्रशिक्षण केंद्रों को सक्रिय बताकर हजारों युवाओं की फर्जी ट्रेनिंग दर्ज कर दी गई. यहां तक कि एक ही व्यक्ति द्वारा एक ही दिन में कई राज्यों में निरीक्षण किए जाने की प्रविष्टियां दर्ज की गईं, जो भ्रष्टाचार की पोल खोलने के लिए काफी हैं. मध्यप्रदेश में भी भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान 4.7 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का दावा किया गया, जिसमें लगभग 23 करोड़ के गबन की गंभीर आशंका है. यह दिखाता है कि केंद्र से लेकर राज्य स्तर तक भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं.”

छिन्दवाड़ा में स्किल सेंटर आकर देखें : कमलनाथ

कमलनाथ ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ” छिंदवाड़ा में कांग्रेस सरकार के दौरान स्किल इंडिया सेंटर सीआईआई, एटीडीसी, अशोक लीलैंड ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, आइएलएफएस, अम्बुजा फाउंडेशन व एफडीडीआई जैसे अनेकों संस्थानों व उनके माध्यम से सैकड़ों कोर्स की शुरुआत पूरी पारदर्शिता के साथ की गई. हमारा उद्देश्य वाहवाही लूटना नहीं था बल्कि युवाओं को रोजगार से जोड़ना था. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रशिक्षण शुल्क का बोझ भी छात्रों पर नहीं डाला गया, इस ट्रेनिंग फीस की व्यवस्था भी हमने बनवाई.”

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