चंडीगढ़: तनावपूर्ण हो गई कि स्पीकर को दखल देते हुए कांग्रेस के कई विधायकों को ‘नेम’ (Name) करना पड़ा और मार्शलों की मदद से उन्हें सदन से बाहर निकलवाया गया।
सदन में मुख्यमंत्री ‘वंदे मातरम’ के विषय पर अपना भाषण दे रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और मुख्यमंत्री के संबोधन में बाधा डाली। स्पीकर हरविंदर कल्याण ने बार-बार विपक्षी सदस्यों को अपनी सीटों पर जाने और शांति बनाए रखने की चेतावनी दी, लेकिन हंगामा जारी रहा। स्पीकर ने उनकी वेल में पहुंचकर नारेबाजी कर रहे विधायकों को नेम किया, स्पीकर ने कांग्रेस के कई विधायकों को नेम किया, जस्सी पेटवाड़ , बलराम दांगी , गीता भुक्कल ,कुलदीप वत्स और विकास सहारण को नेम किया गया
स्पीकर की सख्त कार्रवाई: विधायकों को किया ‘नेम’
जब कांग्रेस विधायक शांत नहीं हुए, तो स्पीकर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “आप अपनी सीट पर जाइए, अन्यथा मैं आप सबको नेम कर दूँगा।” इसके बावजूद नारेबाजी नहीं रुकी, जिसके बाद स्पीकर ने पर्ची से नाम पढ़कर संबंधित विधायकों को सदन से बाहर जाने का आदेश दिया।
मार्शल और विधायकों के बीच हाथापाई
स्पीकर के आदेश के बाद मार्शल सदन के भीतर पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस विधायकों और मार्शलों के बीच जबरदस्त बहस और धक्का-मुक्की हुई।
बलराम दांगी और जस्सी पेटवाड़ को मार्शल सदन से खींचकर बाहर ले गए। शकुंतला खटक को भी बीच सदन से बाहर किया गया। पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल को बाहर निकालने के लिए करीब आधा दर्जन महिला मार्शलों को बुलाया गया। इस दौरान एक मार्शल हाथ जोड़कर उनसे बाहर चलने की विनती करती दिखी, लेकिन अंततः उन्हें भी सदन से बाहर कर दिया गया।
बिना विपक्ष के जारी रहा भाषण
सदन में इस अफरातफरी और विधायकों को बाहर निकाले जाने के बीच भी मुख्यमंत्री का भाषण और नारेबाजी का दौर जारी रहा। सदन की कार्यवाही में इस तरह का टकराव हरियाणा की राजनीति में बढ़ते तनाव को साफ दर्शाता है।
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