रांची: राजधानी में हर दिन गाड़ियों की संख्या बढ़ रही है. सड़कों की चौड़ाई सीमित है, जिसकी वजह से गाड़ियां सरकती रहती हैं. राजधानी रांची के करम टोली से साइंस सिटी तक गाड़ियां रेंगती रहती हैं. रिंग रोड बनने के बाद से इस रोड पर ट्रैफिक बोझ बढ़ा है. लिहाजा, राजधानी रांची में करमटोली से साइंस सिटी (चिरौंदी) तक एक 3.216 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण की योजना है.
फ्लाईओवर बनने से किन-किन जगहों पर मिलेगी राहत
यह परियोजना करमटोली को साइंस सिटी होते हुए चिरौंदी चौक को जोड़ेगी, जिसमें मोरहाबादी तक 516 मीटर का एक आवश्यक लिंक भी शामिल है. इसका मुख्य उद्देश्य अल्बर्ट चौक, दिव्यायन चौक, साइंस सिटी और चिरौंदी चौक जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले चौराहों पर व्याप्त ट्रैफिक लोड की समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करना है.
परियोजना के पूर्ण होते ही, रामगढ़ और हजारीबाग की ओर से आने-जाने वाले शहरी यातायात को बड़ी राहत मिलेगी. साथ ही यह रिंग रोड NH-20 से भी बेहतर संपर्क सुनिश्चित करेगा, जिससे शहरी यातायात प्रबंधन में व्यापक सुधार होगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिससे निकट भविष्य में रांची के नागरिकों को सुगम और निर्बाध आवागमन की सुविधा प्राप्त होने की आशा है.
इस संबंध में इसी साल सितंबर माह में विभाग द्वारा तैयार प्रेजेंटेशन को देखने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अरगोड़ा चौक से कटहल मोड़ और करम टोली चौक से साइंस सिटी फ्लाईओवर निर्माण के लिए डीपीआर बनाते हुए आगे की कार्य योजना को मूर्त रूप देने का निर्देश दिया था. बता दें कि पिछले कुछ महीनों में राजधानी रांची को सिरम टोली से मेकॉन, कोकर से बहुबाजार और रातू रोड पर फ्लाईओवर बनने से बहुत हद तक ट्रैफिक लोड कम करने में मदद मिली है.
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