बलौदाबाजार आ रहे सीएम विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री कार्यक्रम की तैयारी का कलेक्टर ने लिया जायजा

छत्तीसगढ़

बलौदाबाजार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 4 दिसंबर को बलौदाबाजार दौरे पर रहेंगे. सुहेला में लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. मंगलवार को कलेक्टर दीपक सोनी कार्यक्रम स्थल पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उनके साथ जिला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे.

हेलीपैड का निरीक्षण: सुरक्षा और प्रोटोकॉल पर विशेष जोर

कलेक्टर दीपक सोनी ने सबसे पहले हेलीपैड क्षेत्र का निरीक्षण किया. उन्होंने पुलिस और पायलट प्रोटोकॉल टीम के साथ सुरक्षा व्यवस्था की रूपरेखा पर चर्चा की. हेलीपैड के आसपास की बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण योजना, एंट्री सेगमेंट और वीआईपी मूवमेंट रूट की जांच की गई. उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस टीम को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था कहीं भी ढीली न पड़े. सभी प्रवेश-द्वारों पर प्रशिक्षित पुलिस बल तैनात हो. साथ ही स्निफर डॉग, बम डिस्पोजल यूनिट और फायर ब्रिगेड को भी कार्यक्रम स्थल पर स्टैंडबाय रहने को कहा गया. कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री के आगमन और वापसी के दौरान ट्रैफिक पूरी तरह नियंत्रित रहना चाहिए. इसके लिए पुलिस विभाग ने सुहेला मुख्य मार्ग सहित आसपास के गांवों की सड़कों पर वैकल्पिक यातायात योजना तैयार की है.

मुख्य मंच और पंडाल की तैयारी: हर सीट की व्यवस्था जांची गई

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पंडाल और मुख्य मंच का भी विस्तृत मूल्यांकन किया. उन्होंने बताया कि मंच पर मुख्यमंत्री, विशिष्ट अतिथि, सांसद, विधायक और अन्य आमंत्रित अतिथियों की सीटें प्रोटोकॉल के अनुरूप व्यवस्थित होनी चाहिए. उन्होंने मंच की मजबूती, साउंड सिस्टम, प्रकाश व्यवस्था, बैक-अप जनरेटर और मॉनिटरिंग सिस्टम का भी निरीक्षण किया. कलेक्टर ने कहा कि मंच और पंडाल की संरचना मजबूत और सुरक्षित हो, यदि कहीं सुधार की आवश्यकता हो तो उसे तुरंत ठीक कराया जाए. पंडाल क्षेत्र में बैठने की व्यवस्था जनता की उपस्थिति को ध्यान में रखकर की जा रही है. कलेक्टर ने निर्देश दिया कि बैठने की कतारें साफ-सुथरी, व्यवस्थित और किसी भी तरह से अव्यवस्था पैदा न करने वाली हों.

हितग्राही वितरण व्यवस्था: लाइन प्रबंधन पर दिया जोर

कलेक्टर ने हितग्राहियों को सामग्री वितरण की तैयारी की भी समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली कि किस विभाग के द्वारा कौन-कौन सी सामग्री वितरित की जानी है और इसकी सूची पहले से तैयार रखी जाए. उन्होंने कहा कि वितरण प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित हो. कोई भी हितग्राही इधर-उधर भटके नहीं. इसके लिए अलग काउंटर बनाए जाएं, और प्रत्येक वितरण बिंदु पर पर्याप्त स्टाफ मौजूद हो. कलेक्टर ने कहा कि हितग्राहियों को बुलाने, उनके सत्यापन और सामग्री वितरण में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए.

पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाएं: कलेक्टर ने की सख्त समीक्षा

कलेक्टर दीपक सोनी ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था हो. उन्होंने पेयजल टैंकर, डिस्पेंसर और अतिरिक्त पानी की बोतलों का इंतजाम पहले ही पूरा करने को कहा. उन्होंने कहा कि स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए. कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई नियमित रूप से होती रहे और कूड़ा न फैले. कलेक्टर ने मेडिकल टीम की उपलब्धता की भी समीक्षा की. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को कार्यक्रम स्थल के नजदीक एक अस्थायी मेडिकल कैंप तैयार रखने को कहा. इसके अलावा एम्बुलेंस भी स्टैंडबाय रखने के निर्देश दिए.

वाहन पार्किंग और यातायात प्रबंधन की समीक्षा

कार्यक्रम के बड़े पैमाने पर आयोजन को देखते हुए कलेक्टर ने पार्किंग क्षेत्र की अलग से समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्किंग क्षेत्र पर्याप्त बड़ा हो और वाहन आवागमन में किसी तरह की समस्या न आए. उन्होंने कहा कि पार्किंग क्षेत्र में अलग रास्तों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए, जिससे आने और जाने वाले वाहनों के रास्ते अलग रहें और भीड़ न बने. कलेक्टर ने पुलिस विभाग से कहा कि मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक को संभालने के लिए पर्याप्त बल लगाया जाए. इसके लिए ट्रैफिक संकेतक, बैरिकेड, रोड डाइवर्ट और स्वयंसेवकों की सहायता भी ली जाए.

स्टॉल और प्रदर्शनी की तैयारी

कार्यक्रम स्थल पर कई विभागों, स्वयं सहायता समूहों और योजनाओं से जुड़े स्टॉल लगाने की तैयारी भी की जा रही है. कलेक्टर ने स्टॉलों के लेआउट की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी स्टॉल साफ-सुथरे, व्यवस्थित और दर्शकों के लिए आसानी से पहुंचने योग्य हों. उन्होंने कहा कि स्टॉलों में संबंधित योजनाओं की सही और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई जाए ताकि जनता को सरकार की योजनाओं का स्पष्ट लाभ मिले.

अधिकारियों को जिम्मेदारी और समयसीमा तय

कलेक्टर दीपक सोनी ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि सभी कार्य समयसीमा के भीतर पूरे हो जाएं. उन्होंने कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है. किसी भी तरह समन्वयहीनता से कार्यक्रम की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है इसलिए हर विभाग अपने कार्य की नियमित समीक्षा करे और जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे की सहायता भी करें. कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा कि वे कार्यक्रम से एक दिन पहले स्थल का पुनः निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी कमी न रहे.

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