गर्लफ्रेंड की हत्या के बाद बॉयफ्रेंड को आया हार्ट अटैक: पुलिस के सामने हुई मौत, क्राइम स्टोरी का शॉकिंग क्लाइमेक्स

गुजरात

गुजरात के सौराष्ट्र में लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोप में एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया था. उसकी जेल में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. पुलिस ने फिर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. मृतक का नाम नरेंद्र सिंह ध्रुवेल था और वो मूल रूप से मध्य प्रदेश का रहने वाला था.

नरेंद्र ने अपनी लिव-इन-पार्टनर की हत्या की थी. घटना सौराष्ट्र की एक सिरेमिक फैक्ट्री के वर्कर्स हॉस्टल में हुई थी. वहां दोनों पिछले तीन महीने से रह रहे थे. एक दिन दोनों के बीच झगड़ा हुआ. गुस्से में नरेंद्र ने अपनी प्रेमिका पुष्पा देवी मरावी को लकड़ी के डंडे और बेल्ट से पीटना शुरू कर दिया. मरावी के शरीर पर गंभीर चोटें आईं. वो उससे रहम की भीख मांगती रही. मगर नरेंद्र का दिल नहीं पसीजा. उसने मरावी के चेहरे पर काटा भी. थोड़ी ही देर बाद मरावी की मौत हो गई.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. मृतका का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि महिला की मौत गंभीर चोटों और शारीरिक पीड़ा के कारण हुई थी. पुलिस ने ध्रुवेल को गिरफ्तार किया तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. आगे की पूछताछ के लिए पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था.

हालांकि, रविवार सुबह करीब 4 बजे नरेंद्र के सीने में तेज दर्द होने लगा. पुलिसकर्मी उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल ले गए. यहां डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद नरेंद्र को मृत घोषित कर दिया. नरेंद्र के परिवार को इस बारे में सूचना दी गई है. लेकिन एक तरफ गर्लफ्रेंड की हत्या करने वाले प्रेमी की मौत की चर्चा अब हर कहीं हो रही है.

अनूपपुर की रहने वाली थी पुष्पा देवी

पुलिस ने बताया- एमपी के डिंडौरी जिले का रहने वाला 25 साल का नरेंद्र सिंह, मोरबी के लखधीरपुर गांव के पास लेक्सस सिरेमिक में मजदूरी करता था. उसे एमपी के ही अनूपपुर जिले की 20 साल की पुष्पा देवी से प्यार हो गया और वे दोनों एक साथ मोरबी आ गए. वे यहां तीन महीने से लिव-इन में साथ रह रहे थे. दोनों लेक्सस सिरेमिक में मजदूरी करते थे. एमपी से आने के कुछ दिनों बाद से ही दोनों के बीच झगड़े शुरू हो गए.

घायल गर्लफ्रेंड को छोड़ भाग गया था

शुक्रवार रात करीब 8 बजे दोनों के बीच जमकर झगड़ा हुआ, जिसमें नरेंद्र ने पुष्पा देवी की बेरहमी से पिटाई कर दी. इस घटना में पुष्पा गंभीर रूप से घायल हो गई. उसे वहीं छोड़ नरेंद्र वहां से भाग गया. इधर हालत नाजुक होने के कारण बेहोशी की हालत में पुष्पा की मौत हो गई. नरेंद्र जब वापस आया, तो उसने उसे जगाने की कोशिश की, लेकिन जब पता चला कि पुष्पा की मौत हो गई है, तो उसने कंपनी के सुपरवाइजर और क्वार्टरमास्टर को बुलाया. उसने 112 पर कॉल किया और पुष्पा देवी की बॉडी को सिविल हॉस्पिटल पहुंचाया गया.

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