बंगाल में 40 मौतों पर TMC का बड़ा हमला! CEC के हाथ ‘खून से सने’, SIR की वजह से मौतें, चुनाव आयोग से बैठक में TMC नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप

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पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर प्रक्रिया और कई बीएलओ की मौत के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात के बाद टीएमसी के वरिष्ठ सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि हमने 5 मुद्दे उठाए लेकिन हमारे किसी सवाल का जवाब चुनाव आयोग ने नहीं दिया. उनके हाथ खून से रंगे हुए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतना चाहते हैं, लेकिन यह हम होने नहीं देंगे. इससे पहले दिल्ली में चुनाव आयोग के साथ प्रतिनिधिमंडल की करीब 2 घंटे बैठक चली.

तृणमूल कांग्रेस (TMC) पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का विरोध कर रही है. एसआईआर के दौरान प्रक्रिया में शामिल बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की मौत और प्रक्रिया के विरोध में टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने आज शुक्रवार को चुनाव आयोग से मुलाकात की.

TMC के एक अन्य सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने मुलाकात के बाद कहा, “तृणमूल कांग्रेस के 10 सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनकी टीम से मुलाकात की. हमने सबसे पहले उन्हें SIR प्रक्रिया की वजह से करीब 40 मरे हुए लोगों की लिस्ट सौंपी. हमने बैठक की शुरुआत यह कहकर की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के हाथ खून से रंगे हैं.”

हमें सवालों का जवाब नहीं मिलाः डेरेक

डेरेक ओ’ब्रायन ने आगे कहा, “हमने 5 सवाल पूछे और हमें अपने पांचों सवालों में से किसी का भी जवाब नहीं मिला. जो कुछ भी हुआ उसकी आउटलाइन यही है.”

बिना प्लानिंग के एसआईआर कराने का आरोप लगाते हुए सांसद डेरेक ने कहा कि हम SIR की संवैधानिक प्रक्रिया के विरोधी नहीं हैं, लेकिन हमने बिना किसी खास प्लानिंग के और बेरहम तरीके से चलाई जा रही प्रक्रिया का विरोध किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी चुनाव जीतना चाहते हैं लेकिन यह हम होने नहीं देंगे.

पहले से ही कई व्यवस्था, फिर SIR क्योंः महुआ

चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि आयोग ने बताया कि सिर्फ चार कारणों से ही किसी का नाम वोटर लिस्ट से हटाया जाएगा. आयोग के अनुसार, मर गए वोटर्स, स्थायी रूप से पलायन कर चुके लोग, डुप्लीकेट वोटर्स के अलावा नॉन सिटीजन लोगों के ही नाम वोटिंग लिस्ट से काटे जाएंगे.

महुआ ने कहा कि हमने आयोग के सामने यह सवाल उठाया कि जब पहले से ही फॉर्म-7 का नियम है तो मर गए वोटर्स नाम हटाने के लिए तो इसकी जरूरत क्या है. इसी तरह स्थायी रूप से पलायन कर चुके नाम हटाने के लिए भी फॉर्म-8 पहले से ही है, जबकि डुप्लकेट वोटर्स की पहचान के लिए इनके पास डी डुप्लीकेसी सॉफ्टवेर ही नहीं है, तो कैसे पहचान करेंगे.

बीजेपी भी कर चुकी है आयोग से मुलाकात

मारे गए 40 लोगों के बारे में महुआ ने कहा, “हमने जिन 40 मरे हुए लोगों की लिस्ट चुनाव आयोग को दी उनमें 18 लोग बीएलओ थे, जिनकी मौत एसआईआर प्रक्रिया की वजह से हुई, लेकिन हमें तब बेहद आश्चर्य हुआ कि मुख्य चुनाव आयुक्त को इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी.

पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर प्रक्रिया के दौरान तृणमूल कांग्रेस नेताओं की चुनाव आयोग के साथ यह पहली बैठक है. तृणमूल कांग्रेस की ओर से सांसद कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ ब्रायन, शताब्दी रॉय, डोला सेन, सजदा अहमद, प्रतिमा मंडल, ममता ठाकुर, साकेत गोखले और प्रकाश चिक बारीक बैठक में शामिल हुए.

इससे पहले बुधवार को एसआईआर के मसले पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पश्चिम बंगाल यूनिट से एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिल चुका है.

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