नेपाल के बाद अब मैक्सिको की बारी! क्या GEN-Z करेंगे तख्तापलट, सरकार के खिलाफ विरोध तेज, जानें क्या है मामला?

विदेश

नेपाल के बाद अब मैक्सिको में Gen-Z तख्तापलट की तैयारी कर रहे हैं. देश में सरकार के खिलाफ हजारों की तादाद में युवा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. मैक्सिको भर में हजारों लोग इकट्ठा हुए और बढ़ती अपराध दर, भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन किया.

शनिवार को हुए मार्च में विभिन्न आयु वर्ग के लोग शामिल हुए, जिनमें विपक्षी दलों के बुजुर्ग कार्यकर्ता शामिल हुए. साथ ही हाल ही में मिचोआकान के मेयर कार्लोस मान्जो की हत्या हो गई थी. मेयर की हत्या को लेकर भी लोगों में गुस्सा है. मान्जो के समर्थक भी प्रदर्शन में

मैक्सिको में उग्र हुआ प्रदर्शन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मैक्सिको सिटी में नेशनल पैलेस के आसपास प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए, जहां राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम रहती हैं, जिसके चलते पुलिस को भी मौके पर तैनात किया गया. पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया. पुलिस की ओर से बल प्रयोग और हिंसा से भीड़ उग्र हो चली. मैक्सिको सिटी के पब्लिक सेफ्टी सेक्रेटरी पाब्लो वाजक्वेज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 100 पुलिस अधिकारी घायल हुए, जिनमें से 40 को अस्पताल में भर्ती कराया गया.

20 को किया गया गिरफ्तार

उन्होंने स्थानीय मीडिया आउटलेट मिलेनियो को बताया कि 20 आम नागरिक भी घायल हुए. पब्लिक सेफ्टी सेक्रेटरी ने यह भी कहा कि 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया और अन्य 20 को प्रशासनिक अपराधों के लिए भेजा गया.

क्यों प्रदर्शन कर रहे लोग?

राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम पर ड्रग कार्टेल के साथ मिलीभगत का जेन-जी आरोप लगा रहे हैं. क्लाउडिया शीनबाम अमेरिकी नीतियों के खिलाफ एक्शन लेने के लिए जानी जाती हैं. साथ ही वो वेनेजुएला के समर्थन में भी खड़ी थीं. राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ खुलकर बोलने के लिए दुनिया भर में वो मशहूर थीं. अब जेन-जी के भारी विरोध प्रदर्शन से राष्ट्रपति क्लाउडिया की सरकार खतरे में है.

मैक्सिकन समाचार आउटलेट एल यूनिवर्सल के अनुसार, जब प्रदर्शनकारी नेशनल पैलेस के परिसर में प्रवेश कर रहे थे, सुरक्षा बलों ने आंसू गैस छोड़ी और पत्थर फेंके. एल यूनिवर्सल ने बताया, अपनी ढालों और पत्थरों से, उन्होंने के कर्मचारियों ने उनकी मदद की, जो खुद भी मार्च कर रहे थे.

मेयर की हत्या से भड़के लोग

अक्टूबर 2024 से सत्ता में रहने वाली शीनबाम ने अपने पहले साल में 70 प्रतिशत से अधिक लोकप्रियता बनाए रखी है, लेकिन उनकी सुरक्षा नीति की कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं के कारण आलोचना हुई, जिनमें कार्लोस मान्जो की हत्या भी शामिल है. मान्जो मिचोआकान के उरुआपान शहर के मेयर थे, जिनकी 1 नवंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब उन्होंने अपने शहर में ड्रग तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान चलाया था.

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