प्रदूषण की आपातकाल जैसी स्थिति! दिल्ली-NCR में AQI ‘बहुत खराब’ श्रेणी में, आनंद विहार बना सबसे प्रदूषित हॉटस्पॉट

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दिल्ली-NCR में दिवाली के बाद से ही एयर क्वालिटी इंडेक्स की स्थिति गंभीर श्रेणी में बनी हुई है. आज यानी शुक्रवार सुबह 6 बजे 16 इलाकों का AQI रेड अलर्ट में दर्ज किया गया है. वहीं, आनंद विहार का AQI सबसे ज्यादा दर्ज किया गया है. धुंध और प्रदूषण की परत ने दिल्ली को अपने आगोश में ले लिया है. आने वाले दिनों में आर्टिफिशियल बारिश के बाद प्रदूषण की स्थिति में सुधार होने की संभावना है.

प्रदूषण के जरिए पटाखों की गूंज आज भी दिल्ली में गूंज रही है. ज्यादातर इलाकों का AQI बीते कई दिनों से चिंताजनक श्रेणी में बना हुआ है. शिकागो विश्वविद्यालय की एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (AQLI) 2025 रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन चुका है. यहां का पीएम 2.5 विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानक से 20 गुना ज्यादा है. दिल्ली की गंभीर होती स्थिति को देखते हुए बहुत से लोगों ने बेवजह घरों से निकलना तक बंद कर दिया है, जबकि बहुत से लोग प्रदूषण से बचने के लिए मास्क लगाकर निकल रहे हैं.

इन इलाकों में AQI सबसे ज्यादा

दिल्ली के आनंद विहार का AQI-403 दर्ज किया गया, जो गंभीर स्थिति है. वहीं, शादीपुर में AQI-306, ITO में AQI-316, आरके पुरम में AQI-315, पंजाबी बाग में AQI- 313, नार्थ कैंपस में AQI- 303, नेहरू नगर में AQI- 314, पटपड़गंज में AQI- 324, अशोक विहार में AQI- 322, सोनिया विहार में AQI-306, जहांगीरपुरी में AQI-350, रोहिणा में AQI-319, विवेक विहार में AQI-346, वजीरपुर में AQI-337, बवाना में AQI-348 IHBAS दिलशाद गार्डन में AQI-307 और बुराड़ी में AQI-335 दर्ज किया गया है, जो कि बहुत खराब श्रेणी में आता है.

GRAP-2 लागू

इलाके अलावा, दिल्ली में 20 इलाकों में प्रदूषण का ऑरेंज अलर्ट है. यहां AQI 200 से 300 के बीच बना हुआ है. NCR में आने वाले नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम सहित ज्यादा इलाकों में AQI खराब श्रेणी में बना हुआ है. नोएडा का ओवरऑल AQI 264, गाजियाबाद का AQI 273 और गुरुग्राम का AQI 208 दर्ज किया गया है. बढ़ते प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रैप (GRAP) के स्टेज-II को लागू किया गया है.

2000 टीमें तैनात

ग्रैप के स्टेज-II के चलते निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर सख्त निगरानी, सड़कों की नियमित सफाई और पानी का छिड़काव, धूल फैलाने वाले कार्यों पर रोक और खुले में कचरा या कूड़ा जलाने पर सख्त प्रतिबंध लगाई गई है. दिल्ली सरकार लगातार प्रदूषण को कम करने की दिशा में लगी हुई है. प्रदूषण नियंत्रण के लिए करीब 2000 टीमें तैनात की गई हैं. 376 एंटी-स्मॉग गन, 266 वाटर स्प्रिंकलर और 91 मैकेनाइज्ड रोड स्वीपर पूरी दिल्ली में GPS ट्रैकिंग के साथ एक्टिव है.

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