प्रयागराज जिले में गंगा और यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से लोगों को अब मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. तेजी से जलस्तर बढ़ने के कारण लोगों के घरों में पानी घुस गया है, जिसकी चलते स्थानीय लोगों के सामने एक बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है. भारी बारिश के चलते कच्चे और जर्जर मकानों के गिरने का खतरा भी बना हुआ है. वहीं, बहुत से लोग बारिश से परेशान होकर पलायन को मजबूर हैं.
पुराने शहर के करेली इलाके में गंगा, यमुना, ससुर खदेरी नदी में जलस्तर बढ़ने से करीब 50 से अधिक मकान जलमग्न हो गए हैं. बुधवार सुबह जब लोगों की आंखें खुली तो देखा कि उनके घरों में पानी घुस चुका था. करेली के जेके कॉलोनी, ऐनुद्दीनपुर, गड्ढा कॉलोनी, जेके आशियाना समेत कई जगह पांच फीट से अधिक पानी भर गया है. वहीं संगम तट पर लगातार पानी बढ़ने से निचले इलाके भी बाढ़ की चपेट में आना शुरू हो गए हैं. पानी के तेजी से बढ़ने के कारण पूरे इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं.
लोगों के घरों में घुसा पानी
दारागंज इलाके के दशाश्वमेध घाट के पास रह रहे गरीब तबके के लोगों के घरों में पानी घुस जाने की वजह से उन्हें अपना आशियाना छोड़कर जाना पड़ रहा है. उनका कहना है कि हर साल पानी बढ़ जाने की वजह से उनको यहां से इधर-उधर अपना सामान लेकर जाना पड़ता है, क्योंकि उनके पास अपने पक्के मकान नहीं हैं. तराई इलाकों में भी यमुना और गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर ने लोगों के लिए दिक्कतें बढ़ाना शुरू कर दी हैं. अधिकतर लोगों ने पानी की वजह से पलायन भी करना शुरू कर दिया है.
मंदिर का गर्भगृह हुआ जलमग्न
संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर में भी पानी आ जाने से वहां भी बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है. बुधवार सुबह करीब 6 बजे हनुमान मंदिर के गर्भगृह में पानी पहुंच गया. इसी तरह से प्रयागराज के कई अन्य इलाके भी जलमग्न हो गए हैं, जिससे लोगों को अनेकों परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है. जिला प्रशासन भी निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहा है.
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