ग्वालियर: वायरल डॉग टॉमी के आधार कार्ड की सच्चाई आई सामने, कलेक्टर ने खुद दिए थे जांच के आदेश

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में वायरल डॉग टॉमी के आधार कार्ड की सच्चाई आखिरकार सामने आ ही गई. टॉमी के वायरल आधार कार्ड फर्जी मिला. जैसे ही इसकी तस्वीरें वायरल हुई थीं प्रशासन ने इसकी जांच शुरू कर दी थी. जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि यह आधार कार्ड पूरी तरह से फर्जी है और इसे किसी शरारती के द्वारा एडिट करके तैयार किया गया है.

सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन में इसके फर्जी होने की पुष्टि कर दी है. डबरा के सिमरिया गांव में एक कुत्ते का आधार कार्ड वायरल हुआ था. इसमें कुत्ते का नाम टॉमी जायसवाल पता वार्ड नंबर 1 सिमरिया ताल डबरा ग्वालियर मध्य प्रदेश पिन कोड 475 110 लिखा हुआ था. उसका आधार कार्ड नंबर भी उसमें जारी था जिसमें 070001051580 अंकित था.

आधार कार्ड वायरल होने के बाद प्रशासन की जमकर खिल्ली उड़ रही थी इसके बाद कलेक्टर ने तत्काल मामले की जांच कराई. जांच में यह पाया गया कि यह आधार कार्ड पूरी तरह से फर्जी और एडिटेड है. अब प्रशासन शरारती तत्व की खोज में लग गया है, जिसने इस तरह की हरकत की है. इसमें बाकायदा कुत्ते के पालनकर्ता कैलाश जायसवाल का भी नाम की जिक्र था.

लोगों ने जमकर किया वायरल

आधार कार्ड में डॉगी की जन्म तिथि 25/12/2010 भी लिखी हुई थी. ये कार्ड हूबहू आधार की तरह था. इसमें लिखा था ‘मेरा आधार मेरी पहचान’. सोशल मीडिया पर लोग इसे जमकर शेयर भी कर रहे थे. साथ ही अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे थे. एक यूजर ने लिखा था- टॉमी भैया तो छा गए, गजब है. दूसरे ने लिखा- डॉगी के भाई-बहन कहां हैं? तीसरे यूजर ने लिखा- ऐसा तो बस एमपी में ही हो सकता है. अन्य यूजर ने लिखा- डॉगी भी सोच रहा होगा कि ऐसा मालिक भगवान सबको दे. वहीं, एक और यूजर ने लिखा- जिसने भी ये कार्ड बनाया है, उसके खिलाफ एक्शन तो होना ही चाहिए.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने ये भी सवाल किया था कि, क्या वाकई इस कुत्ते का आधार कार्ड है ? और अगर नहीं तो इस प्रकार की एडिटिंग से क्या कोई भी आधार कार्ड बना सकता है? ये चिंतन करने वाले गंभीर सवाल हैं.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry