उत्तर प्रदेश सरकार के कांवड़ यात्रा मार्ग पर खाने की दुकानों और ढाबों को अपने मालिकों की जानकारी क्यूआर कोड के जरिए प्रदर्शित करनेके निर्देश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. जिस पर कोर्ट 15 जुलाई को सुनवाई करेगा. सरकार के क्यूआर कोड प्रदर्शित करने के निर्देश का मकसद भोजनालाओं के मालिकों के नाम और पहचान को उजागर करना है.
याचिकाकर्ता प्रोफेसर अपूर्वानंद ने दावा किया है कि इस निर्देश का मकसद धार्मिक आधार पर दुकानदारों की प्रोफाइलिंग करना है, जो पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के खिलाफ है. जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंचअपूर्वानंद झा और अन्य लोगों द्वारा दायर जनहित याचिका पर 15 सुनवाई करेगी.
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