अयोध्या राम मंदिर के भवन निर्माण समिति की बैठक सर्किट हाउस में हुई. बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्रा ने की. इस दौरान बैठक में मंदिर निर्माण से जुड़े कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श हुआ. समिति के सदस्यों ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती इस वक्त परकोटा से राम मंदिर को जोड़ने की है, जिसमें एक लिफ्ट और ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है. यह कार्य मंदिर के पश्चिम दिशा में चल रहा है और इसके माध्यम से श्रद्धालुओं की आवाजाही को सरल बनाया जाएगा. यह कड़ी न केवल मंदिर की संरचना को जोड़ने का कार्य करेगी, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए सुविधा भी बढ़ाएगी.
भवन निर्माण समिति में इस बात पर अभी तक कोई विचार नहीं हो सका है कि मंदिर के प्रथम तल पर लगे दरवाजों पर सोना चढ़ाया जाए या नहीं. यह निर्णय आने वाले दिनों में लिया जा सकता है. अस्थाई मंदिर को लेकर भी एक अहम फैसला हुआ है. अब श्रद्धालुओं के लिए अस्थाई मंदिर में दर्शन की व्यवस्था की जाएगी. अस्थाई मंदिर, जो लकड़ी से बना है, उसकी मजबूती और संरचना को लेकर भी गहन चर्चा की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad