ससुर ने नई नवेली बहू की खातिर बेच डाली 50 लाख की बंपर फसल, बोले- मेरा सपना पूरा हुआ

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के झांसी में एक किसान परिवार के घर ऐसी शादी हुई, जिसकी चर्चा हर कहीं हो रही है. यहां रहने वाले किसान दीप चंद्र यादव ने अपनी नई नवेली बहू को हेलीकॉप्टर से लाने के लिए 50 लाख की बंपर फसल को बेच दिया. शादी पास के गांव में थी, फिर भी हेलीकॉप्टर से दुल्हन को विदा कर ससुराल लाया गया. इस अनोखी विदाई को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा.

दरअसल, चिरगांव विकासखंड के देदर गांव में दीप चंद्र यादव का परिवार रहता है. उनके बेटे अभिषेक की शादी पास के ही गांव परसा में रहने वाली ज्योति से तय हुई थी. वर एवं वधू पक्ष ने वैवाहिक रस्में खजुराहो के एक होटल में संपन्न कराए जाने का निर्णय लिया था. रविवार को खजुराहो में शादी समारोह संपन्न होने के बाद सोमवार को बहू को विदाई हेलीकॉप्टर से गांव देदर लाया गया. हेलीकॉप्टर के गांव के आसमान के ऊपर मंडराते ही भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए. हेलीकॉप्टर एक खेत में उतरा. इसके बाद परिवार की महिलाओं ने बहू के स्वागत की रस्में पूरी कीं.

बहू के लिए 50 लाख की बेची फसल

दूल्हा अभिषेक एमबीए डिग्री होल्डर है. जबकि, दुल्हन ने एमएससी की है. दूल्हे के पिता दीपचंद्र यादव ने बताया कि उनके पिताजी का यह सपना था कि परिवार में होने वाली शादियों में एक शादी ऐसी भी होनी चाहिए, जिसमें बहू की हेलीकॉप्टर से विदा हो. बुजुर्गों के सपने को साकार करने के लिए उनके परिवार में हुई अभी तक शादियों में हेलिकॉप्टर से विदाई कराने का प्रयास किया, लेकिन कुछ न कुछ समस्या होती रही. इस बार उनकी और पूरे गांव के किसानों की खेती काफी अच्छी हुई. यही कारण रहा कि उन्होंने बेटे अभिषेक के विवाह के बाद बहू को हेलीकॉप्टर से विदा कराकर लाने की ठानी थी.

‘कभी सपने में नहीं सोचा था कि ऐसी विदाई होगी’

दूल्हे अभिषेक का कहना है कि हेलीकॉप्टर से विदाई कराने का निर्णय सबकी सहमति से लिया गया था. इसी तरह गांव के लोग भी अपने बच्चों की शादी धूमधाम से करें, ताकि गांव को एक समृद्ध और संपन्न गांव के रूप में पहचाना जा सके. मेरा भी यही सपना था कि मेरी बहू हेलीकॉप्टर में विदा होकर आए. वहीं, दुल्हन ज्योति का कहना था कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि शादी के बाद हेलीकॉप्टर में अपनी ससुराल जाने का मौका मिलेगा. ज्योति ने कहा कि उनकी ससुराल पक्ष के लोगों के प्रयासों का ही यह परिणाम था कि उन्हें हेलीकॉप्टर में बैठने का अवसर प्राप्त हुआ.

दूल्हे के दादा की थी इच्छा

अभिषेक की बहन मोहिनी यादव ने बताया- हमारा परिवार खेती किसानी से जुड़ा हुआ है. मेरे दादाजी और गांव वालों की काफी समय से इच्छा रही थी कि उनके परिवार में किसी न किसी विदाई हेलिकॉप्टर में हो, जिससे उनके गांव का नाम रोशन हो सके और सभी लोग एक बार हेलीकॉप्टर को करीब से देख सकें. इससे पहले ही शादी में भी इस तरह का प्रोग्राम बनाया गया था लेकिन खेती में हमारे परिवार और गांव के लोगों को काफी नुकसान हुआ था. इस बार खेतों को सही समय पर जरूरत के मुताबिक पानी मिल सका और मौसम में भी पूरा साथ दिया. जिस कारण खेती से हुए मुनाफे से परिवार के सदस्यों के द्वारा नई नवेली भाभी को हेलीकॉप्टर से विदाई करवाकर गांव लाया गया.

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