‘आग का गोला’ बन जाएगी Electric Car! गर्मियों में न करें ये गलतियां

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इलेक्ट्रिक गाड़ी चलाते हैं तो गर्मियों में बैटरी का खास ध्यान रखें, नहीं तो बड़ा हादसा भी हो सकता है. अक्सर लोग कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिस वजह से बैटरी में आग लगने कां चांस बढ़ जाता है और देखते ही देखते गाड़ी जलकर खाक हो जाती है. आज हम आप लोगों को समझाएंगे कि अगर आप Electric Car इस्तेमाल करते हैं तो किन बातों को ध्यान में रखना जरूरी है?

इलेक्ट्रिक गाड़ी में इस्तेमाल होने वाली बैटरी अत्यधिक संवेदनशील होती हैं. भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी पड़ती है जिस वजह से इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों को चार्ज करते वक्त विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है. इलेक्ट्रिक वाहन की लाइफ इस बात पर निर्भर करती है कि बैटरी को कैसे चार्ज किया जा रहा है?

पहली गलती

किआ की आधिकारिक साइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, बैटरी को कभी भी 100 फीसदी फुल चार्ज न करें. लिथियम-आयन बैटरी सबसे अच्छा काम तब करती हैं जब इन्हें 30 फीसदी-80 फीसदी तक चार्ज किया जाता है. लगातार पूरी क्षमता तक चार्ज करना बैटरी पर दबाव डालता है.

माना कि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम 100 फीसदी चार्ज होने पर ऑटोमैटिकिली चार्जिंग प्रोसेस को बंद कर देता है लेकिन चार्जिंग पर लगाए रखने की वजह से भी बैटरी लाइफ पर बुरा असर पड़ता है और बैटरी धीरे-धीरे खराब होने लगती है. अगर गर्मियों में बैटरी इस तरह से चार्ज होती रही तो आग लगने का भी खतरा बढ़ सकता है.

दूसरी गलती

इलेक्ट्रिक गाड़ी को डायरेक्ट सनलाइट में चार्ज न करें, बैटरी चार्ज होते वक्त टेंपरेचर बढ़ता है लेकिन अगर डायरेक्ट सनलाइट में चार्ज करेंगे तो टेंपरेचर और भी ज्यादा बढ़ सकता है. हाई टेंपरेचर की वजह से बैटरी लाइफ कम होना और क्षमता कम हो सकती है जिससे न केवल रेंज बल्कि हाई टेंपरेचर की वजह से आग भी लग सकती है. गर्मियों में डायरेक्ट सनलाइट के बजाय कार को ऐसी जगह चार्ज पर लगाएं जहां थोड़ी छाया हो.

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