सावन का महीने 22 जुलाई से शुरू हो गया है, ऐसे में पूरे देश में कांवड़ियों की धूम मची हुई है. कांवड़ियों के लिए इस बार सभी राज्यों के प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं ताकि उन्हें रास्ते में किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े. ऐसी स्थिति में कई जगहों पर बैरिकेडिंग भी की गई है और ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए डायवर्जन भी किए गए हैं. इसके लिए प्रशासन की ओर से एडवायजरी जारी की गई है. दिल्ली वालों को अगर पहाड़ के दीदार करने हैं और देहरादून रूट पर जाना है तो उनके लिए बिना ट्रैफिक में फंसे एक आसान रास्ता डायवर्जन के जरिए बनाया गया है.
यातायात पुलिस के मुताबिक दिल्ली से किसी शख्स को देहरादून या ऋषिकेश जाना है तो उसे दिल्ली से पहले रामपुर तिराहा जाना होगा. रामपुर तिराहा से देवबंद होते हुए गागलहेडी फिर छुटमलपुर फिर बिहारीगढ़ के रास्ते गुजर कर देहरादून पहुंचना होगा. अगर लोगों को सीधे दिल्ली के लिए वहां से वापसी करनी है तो उन्हें भी इसी रास्ते से वापस आना होगा. अगर कोई वाहन दिल्ली से देहरादून जाते वक्त नारसन से होकर गुजर रहा है तो उसने बिझौली एनएन 344 से भगवानपुर, मंडावर, छुटमल और बिहारीगढ़ से देहरादून जाना होगा.
बद्रीनाथ और केदारनाथ के लिए रूट
बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम से नजीबाबाद दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को श्रीनगर से पैडी कोटद्वार, नजीबाबाद, बिजनौर, बिलासपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर बाईपास लेकर दिल्ली आना होगा. वहीं अगर दिल्ली, मेरठ या मुजफ्फरनगर से हरिद्वार जाना है तो इसके लिए मुजफ्फरनगर से होकर मंगलौर के रास्ते नगला इमरती जाना होगा. इसके बाद लंढौरा, लक्सर, सुल्तानपुर, फेरूपुर, जगजीतपुर, एसएम तिराहा, शनि चैक मातृसदन, शमशानघाट पुल होकर बैरागी पार्किंग पहुंचना आसान होगा.
रोडवेज बसों हेतु यातायात प्लान
देहरादून/ऋषिकेश से अगर किसी को हरिद्वार जाना है तो उसके लिए रोडवेज की व्यवस्था भी बदली गई है. ज्यादातर बसों को निर्धारित रूप से संचालित किया जाएगा और उन्हें मोतीचूर पार्किंग में पार्क किया जाएगा. देरहादून/ऋषिकेश से मुरादाबाद-काशीपुर, नैनीताल की ओर जाने वाली रोडवेज बसें नेपाली तिराहा, रायावाला, सप्तऋषि, दुदाधारी तिराहा, चंडीपुल, श्यामपुर, चिड़ियापुर और नजीबाबाद के रास्ते पर चलेंगी. दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से चलने वाली बसें अपने निर्धारित मार्ग पर ही संचालित की जाएंगी. हालांकि देहरादून से दिल्ली आने-जाने वाली रोडवेज बसें मोहंड, छुटमलपुर होकर गुजरेंगी.
पैदल कांवड़ यात्रा के लिए प्लान
मेरठ मुजफ्फरनगर की ओर जाने वाले पैदल कांवड़ यात्रियों के लिए हर की पैडी से गंगाजल लेने की व्यवस्था की गई है. इसके बाद वह रोडीबेलवाला रैंप से केशन आश्रम तिराहा से ओम पुल के सामने वाले रेगुलेटर के ऊपर से बाहर निकलेंगे. इसके बाद कांवड़िये शंकराचार्य चौक से नहर पटरी, सिंहद्वार से आर्य नगर, ज्वालापुर, लालपुल पार करके जाटवाड़ा पुल से होकर नहर पटरी तक पहुंचेंगे और वहां से अपने-अपने गंतव्य तक जा सकेंगे.
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