फरीदकोट एस.एस.पी. डॉ. प्रज्ञा जैन की अनूठी सोच के तहत फरीदकोट पुलिस ने यातायात नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए एक अभिनव पहल शुरू की है। यह पहल केवल नियम तोड़ने वालों को चालान जारी करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सामाजिक जागरूकता पैदा करना और लोगों के भविष्य के लिए सुरक्षित यात्रा प्रदान करना भी है। फरीदकोट पुलिस प्रशासन यातायात नियमों को लेकर पूरी तरह सख्त है। इसके साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में जागरूकता सैमीनार आयोजित कर लोगों को यातायात नियमों के महत्व से अवगत कराया जा रहा है, ताकि हर वाहन चालक अपनी जिम्मेदारियों को समझे और सुरक्षित यात्रा में सहयोग करे। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले 6 माह में ही 10,420 चालान किए गए हैं तथा 66,14,900 रुपए जुर्माने के रूप में वसूले गए हैं।
स्पीड गन का उपयोग करके स्मार्ट एक्शन:
उन्नत तकनीक का उपयोग करते हुए स्पीड गन की मदद से तेज गति से चलने वाले वाहनों की पहचान की जा रही है। नए साल के दौरान 3,000 से अधिक चालान जारी होने से यह साबित हो गया है कि पुलिस इस मामले में पूरी तरह सक्रिय है।
कम उम्र के ड्राइवरों पर ध्यान केंद्रित करें:
नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। यदि नाबालिग वाहन चलाते पाए गए तो उनके माता-पिता या अभिभावकों के खिलाफ भी मोटर वाहन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक जागरूकता शिविर:
फरीदकोट पुलिस नई पीढ़ी को यातायात नियमों के महत्व के बारे में शिक्षित करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और शहरों में जागरूकता शिविरों का आयोजन कर रही है। इसका उद्देश्य सिर्फ कानून का पालन करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है।
प्रौद्योगिकी संचालित यातायात नियंत्रण:
पुलिस प्रौद्योगिकी के माध्यम से यातायात की गति और नियम उल्लंघन पर नजर रख रही है। इस संबंध में एस.एस.पी. फरीदकोट डॉ. प्रज्ञा जैन ने कहा कि सिर्फ चालान दाखिल करना समाधान नहीं है, हमें लोगों को सुरक्षित यात्रा का महत्व समझाना होगा।
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